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Etah News: बुखार जानलेवा, फिर भी वायरस की पहचान के लिए जांच नहींं

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एटा। वायरल बुखार फैला हुआ है। अंजान वायरस लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। भले ही विभागीय आंकड़ों में मौत होना नहीं दिखाया जा रहा है। लेकिन आए दिन किसी न किसी की मौत बुखार से हो रही है। इस बुखार में रोगियाें को लक्षण बुखार जैसे आते हैं पर डेंगू, मलेरिया आदि की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि वायरस दो दिन में ही शरीर के अन्य भागों में भी असर डालने लगता है। यह डेंगू से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 150 से अधिक बुखार के पीड़ित पहुंचे रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग या मेडिकल कॉलेज ने वायरस की पहचान के लिए न तो जांच की व्यवस्था की है और न ही सैंपल कहीं भेजे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में फिजीशियन कक्ष में मरीजों का उपचार कर रहे डॉ. आदर्श ने बताया बुखार पीड़िताें में लक्षण डेंगू की तरह हैं। जांच रिपोर्ट में डेंगू निगेटिव आ रहा है। वहीं बुखार पीड़ित के लिवर में दिक्कत आ रही है। जबकि बाल रोग विभाग के चिकित्सक पारस ने बताया कि बच्चों को देखने में लगता है कि यह डेंगू से ग्रसित होगा। लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव आती है और प्लेटलेट्स कम निकलते हैं। दो दिन में ही बच्चे निमोनिया का शिकार हो जाते हैं। आईएमए के सचिव डॉ. रिषभ सक्सेना ने बताया कि बहुत से बुखार रोगियों की रिपोर्ट डेंगू निगेटिव आती है, लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। बायरोलॉजी जांच में वायरस के स्ट्रेन की पहचान हो जाए तो इलाज में आसानी होगी।
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यह करें बचाव
- मास्क लगाकर बाहर निकलें।
- बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ धोएं।
- खूब पानी पीकर बाहर निकलें।
- योग प्राणायाम करें।
- सादा व पौष्टिक खाना खाएं।

वर्जन
वायरल चार से पांच दिन रहता है। जो व्यक्ति इसकी चपेट में आए वह अधिक से अधिक पानी पिए। वायरस की जांच यहां नहीं होती है। इसके लिए अधिकारियों से बात की जाएगी।
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डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ

वायरस की जांच पुणे में होती है। वायरल के कई रूप हैं। पता नहीं होता यह किस अंग पर जाकर अटैक कर दे। बार-बार मौसम बदल रहा है। इसमें लोगों को बचाव की जरूरत है। बुखार आने पर व्यक्ति झोलाछाप व मेडिकल स्टोर से दवा लेकर न खाएं। मेडिकल कॉलेज में आकर उपचार कराएं।
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डॉ. संदीप गुप्ता, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज
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