एटा। मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद से स्वास्थ्य सेवाएं धीमे-धीमे दुरुस्त हो रहीं हैं। यहां अब विशेषज्ञों के माध्यम से उपचार मिलने लगा है। वहीं कॉलेज में मरीजों के ऑपरेशन भी होने लगे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए एक और कदम बढ़ाया गया है। सिर दर्द या बुखार सहित अन्य छोटी-छोटी बातों पर कॉलेज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके लिए इमरजेंसी का एक नंबर जारी किया जाएगा। जहां कोई भी व्यक्ति कॉल पर चिकित्सक से बीमारी से संबंध में परामर्श कर सकेगा। इससे शहर से दूर बैठे लोगों को भी इलाज में सहूलियत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज को शुरू हुए लगभग दो वर्ष हो गए हैं। महिला विभाग सहित एसएनसीयू में लोगों को पहले से बेहतर सुविधा मिलने लगी है। इसके साथ ही पथरी सहित अन्य ऑपरेशन भी कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों के आने से होने लगे हैं। हालांकि अभी पूरी व्यवस्थाएं नहीं मिल पा रहीं है, लेकिन इन्हें दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। लोगों को अभी तक विभिन्न बीमारियों में इमरजेंसी की दौड़ लगानी पड़ती है। जल्द ही यह दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके लिए इमरजेंसी से एक नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर 24 घंटे कोई भी व्यक्ति कॉल कर अपनी परेशानी बता चिकित्सक से परामर्श ले सकेगा। चिकित्सकों, सेवाओं की उपलब्धता आदि की जानकारी कर सकेगा। वहीं अगर उसकी हालत गंभीर है तो चिकित्सक उसे इलाज के लिए इमरजेंसी आने की सलाह देगा।
वर्जन
इमरजेंसी में चिकित्सक 24 घंटे तैनात रहते हैं। लोगों को सामान्य परेशानी होने पर कॉलेज की दौड़ न लगानी पडे़, घर बैठे ही चिकित्सक का परामर्श मिल उपचार हो जाए। इसके लिए नंबर जारी किया जाएगा। जहां कोई भी व्यक्ति किसी भी समय कॉल कर चिकित्सकों से परामर्श ले सकेगा।
डॉ. संदीप गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज