एटा। जवाहर तापीय परियोजना में बिजली का उत्पादन शुरू नहीं हो पा रहा है। हालांकि सात दिन बाद रविवार की दोपहर बाद मशीनों को चलाया गया था। देर रात लोड उठाया था, लेकिन फिर प्लांट में ट्रिप हो गई। इससे मशीनों को बंद कर दिया गया। वहीं अब इंजीनियर फाॅल्ट को खोजने में लगे हैं।
जवाहर तापीय परियोजना में 660 मेगावट की यूनिट पर 23 सितंबर को बिजली का उत्पादन शुरू किया गया था। 24 सितंबर तक बिजली का 111 मेगावट बिजली का कुल उत्पादन हुआ था। इसके बाद मशीनों में खराबी आ गई थी। यहां तक कि मशीनों को ही नहीं चलाया जा रहा था। रविवार को इंजीनियरों ने मशीनों को शुरू कर दिया था। इसके बाद देर रात कुछ समय के लिए मशीनों ने लोड भी उठाया था, लेकिन पावर प्लांट में ट्रिप के कारण मशीनों को बंद कर दिया गया। वहां ट्रांसफार्मर में कुछ समस्या आई थी। उसे तो दुरुस्त कर लिया गया। मशीनों को शुरू करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह शुरू नहीं हो पाई।
इससे मंगलवार का दिन भर फाॅल्टों को खोजने का कार्य किया गया, लेकिन फाॅल्ट मिल नहीं पाया। बताया जा रहा है कि कहीं माइनर फाॅल्ट है जो मिल नहीं रहा है। ऐसे में इंजीनियरों सहित कर्मचारियों को पूरी पड़ताल करनी पड़ रही है। सूत्रों की मानें तो मशीनों को शुरू होने में अभी दो से तीन दिन और लग सकते हैं। इसके बाद लोड को देखा जाएगा कि मशीनों ने लोड उठाया या नहीं। अगर लोड उठा लिया तो बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
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आठ घंटे चलने के बाद मशीनें उठाती हैं लोड
प्लांट में जब आठ घंटे तक मशीनें चल जाती है। इसके बाद वह लोड उठाना शुरू करती है। पहले भी मशीनों द्वारा लोड न उठाने की समस्या आ चुकी है। वहीं समस्या रविवार की रात को आई थी। इसके चलते प्लांट में लगी मशीनों को बंद करना पड़ा था। इसके बाद से लगातार दूसान कंपनी सहित अन्य कंपनियों के इंजीनियर व कर्मचारी मशीनों को दुरुस्त करने में लगे हैं।
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वर्जन
मशीनें अभी दुरुस्त नहीं हो पाईं हैं। फाॅल्ट मिल नहीं पा रहा है। इसलिए समस्या आ रही है। इंजीनियर लगातार कार्य कर रहे हैं। बिजली के उत्पादन में दो से तीन दिन अभी और लग सकते हैं।
मनोज श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता जवाहर तापीय परियोजना
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राघवेंद्र