एटा। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों को लेकर व्यवस्था खराब चल रही है। यहां पर 82 चिकित्सक कागजों में तैनात हैं। इनमें से 17 चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। केवल 65 चिकित्सकों के सहारे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था है। मरीजों को बेहतर उपचार मिलना मुश्किल हो रहा है। कहीं फार्मासिस्ट उपचार दे रहे हैं तो कही स्टाफ नर्स स्वास्थ्य केंद्र की कमान संभाल रहे है। वहीं जिला मुख्यालय पर स्थित मेडिकल कॉलेज में भी रेजीडेट्स की आवश्यकता है जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के तहत जिले में कुल 8 सामुदायिक स्वास्थ्य और 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। सभी केंद्रों पर लगभग 254 बेड की व्यवस्था है। 82 चिकित्सक ही कागजों में तैनाती है। इसके अलावा शेष 69 पद खाली पड़े हुए हैं। वहीं खास बात यह है कि इसमें 17 चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। इन चिकित्सकों को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन आज तक एक भी चिकित्सक ने कोई संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया है। वर्तमान में सिर्फ एक ही टैक्नीशियन कार्यरत है। जबकि प्रत्येक सीचएचस परी कम से कम एक टैक्नीशियन की आवश्यकता है। वहीं अगर सीएमओ कार्यालय की बात की जाए तो जून माह में शासन स्तर से जारी हुई तबादले की सूची में जिले से दो एसीएमओ और एक प्रतिरक्षण अधिकारी भी कम हो चुके हैं। एसीएमओ डॉ. सुधीर मोहन और डॉ. सतीश चंद्र नागर समेत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामसिंह का तबादला हो चुका है। इसकी वजह से अब स्वास्थ्य विभाग में कार्य प्रभावित हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज में भी सीनियर रेजीडेट्स की आवश्यकताः
मेडिकल कॉलेज में कई सारे विभागों की ओपीडी संचालित होती है। यहां पर जूनियर रेजीडेट्स (जेआर) व सीनियर रेजीडेंट्स (एसआर) मरीजों को उपचार देते हैं। वर्तमान में मेडिसिन विभाग, दंत रोग विभाग, नेत्र विभाग समेत अन्य विभागों में सीनियर रेजीडेंट्स की आवश्यकता है। हालांकि वर्तमान में इन विभागों में एक एसआर के साथ जेआर भी उपचार देते हैं। अगर एसआर की आवश्यकता पूरी हो जाए तो मरीजों को जल्दी से उपचार मिलेगा। करीब 10 एसआर की वर्तमान में अभी भी आवश्यकता है।
कहते हैं आंकड़ेः
जिले में कुल फार्मासिस्ट-56
जिले में तैनात कुल चिकित्सक- 65
चिकित्सकों के खाली पद- 69
कुल चिकित्सकों की आवश्यकता-151
वर्जन
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की कमी है। इसके लिए शासन से ही चिकित्सकों की नियुक्त की जानी है। वर्तमान में एक एक्सरे टेक्नीशियन है।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ