आगरा। जहरीली शराब से पहले शमसाबाद में पांच और फिर खंदौली में चार की मौत से कोहराम मचा है। छह से ज्यादा की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें से कुछ की आंखों की रोशनी कम हो गई है। नींद से जागे पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि एटा से जहरीली शराब की खेप खंदौली में पहुंचाई गई थी। शराब माफिया तक पहुंचने के लिए एक टीम एटा रवाना की गई है।
जहरीली शराब से मौत के बाद पुलिस ने रविवार रात कई गांवों में छापेमारी की। गांव बांस दलेल के अवधेश पुत्र ओमप्रकाश को पकड़ा। सीओ एत्मादपुर के मुताबिक, अवधेश से पूछताछ के बाद अवैध शराब की बिक्री के खेल का खुलासा हुआ है। उसने कुबूल किया कि वह शराब की सप्लाई करता है। एत्माद्दौला का एक युवक हाल ही में शराब की तस्करी से जुड़ा है। वह एटा का रहने वाला है। युवक को एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र में रहने वाले माफिया ने शराब की पांच पेटी उपलब्ध कराई थीं। इसके बाद ही युवक पहली बार शराब की खेप लेकर अवधेश के पास जून के आखिर में पहुंचा था। अवधेश ने शराब की सप्लाई विजय और अमर ढाबा की।
यहां से लालगढ़ी सहित एक दर्जन गांव में शराब सप्लाई की गई। एटा में हरियाणा से तस्करी कर शराब लाई जाती है। यहां पर पानी और केमिकल मिलाकर शराब की मात्रा बढ़ाई जाती है। फिर इसे प्लास्टिक की बोतल में भरी जाती है। सील पैक कर दिया जाता है। सप्लायरों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर पहुंचा दी जाती है। एक बोतल (पौवा) 30 से 40 रुपये लिए जाते हैं।
खंदौली में अवधेश ने शराब की खेप पहुंचाई। इसे पीने से लोग बेमौत मारे गए। वहीं बाकी शराब की बिक्री कहां-कहां हुई है, पुलिस इस बारे में पता करने के लिए एटा के युवक की तलाश कर रही है।
पुलिस की एक टीम एटा रवाना
शराब माफिया की तलाश में पुलिस की एक टीम सोमवार को एटा रवाना हुई। पिलुआ थाना क्षेत्र के एक गांव में शराब बनाई जाती है। यहां पर स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी करने की तैयारी है।
अवैध शराब का हब बनता जा रहा जिला
कच्ची शराब का कारोबार जिले में खूब फलफूल रहा है। कच्ची शराब का हब बना चुका जिला में पुलिस-आबकारी टीम भी लगाम लगाने में पूरी तरह से विफल है। दर्जनों गांवों में तो यह एक उद्योग का रूप ले चुका है। विभागीय दावों के विपरीत गांव-गांव चल रहे इस कारोबार से लोगों की जान जोखिम में है। वहीं पुलिस भी इन्हें रोकने में नाकामयाब है।
कच्ची शराब के लिए जिला पूरी तरह से बदनाम हो चुका है। घर से लेकर खेत व तालाबों के सहारे बनी भट्टियां इसका प्रमाण हैं। विभागीय मिलीभगत कहें या पुलिस की ढील। जनपद में अवैध शराब कारोबार पर लगाम नहीं लग पा रही। मारहरा के कई गांवों में यह कारोबार खूब फलफूल रहा है। वहीं कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अमांपुर रोड स्थित आधा दर्जन गांवों में जमकर कच्ची शराब का निर्माण किया जा रहा है। हाल में जनपदीय पुलिस ने कच्ची शराब को लेकर अभियान चलाया था, अलीगंज पुलिस एक गांव से 11 फैक्ट्री कच्ची शराब बनाते हुए पकड़ी थी, वहीं जैथरा, कोतवाली देहात, नगर पुलिस ने भारी मात्रा में शराब बरामद की थी। उसके बाद भी निधौली कलां, अलीगंज, जैथरा, सकीट, राजा का रामपुर आदि थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में इस कारोबार का बोलबाला है। साथ ही जिला मुख्यालय स्थित हिंदू नगर, कांशीराम कालोनी में सरेआम कच्ची शराब का निर्माण किया जाता है।
सुबह छापा, रात को फिर सज जाती है महफिल
एटा। कच्ची शराब के लिए बदनाम हो चुके हिंदूनगर, कांशीराम कालोनी, अन्य गांवों में पुलिस सुबह कार्रवाई करती है। तो शाम को कच्ची शराब के माफिया महफिल सजाकर फिर से बैठ जाते हैं। पुलिस की लगातार कार्रवाई भी कच्ची शराब पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लगा पा रही है। बता दें कि हिंदूनगर, कांशीराम कालोनी में छापामार कार्रवाई के बाद भी कच्ची शराब पर लगाम नहीं लग सकी है।