अलीगंज। कस्बे में महामारी फैल गई है। यहां एक महीने के अंतराल में करीब 3000 सुअर मर चुके हैं। पशुपालन विभाग इस बीमारी से अनजान बना हुआ है। इसके चलते पुष्टि नहीं हो पा रही कि बीमारी कौनसी है। पशुपालकों ने बताया की एक माह के अंदर तीन हजार से ज्यादा पालतू सुअरों की मौत हो चुकी है। इस काम में जुटे परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कस्बा के अधिकांश बाल्मीकि समाज के लोग सुअर पालन कर अपनी आजीविका चलाते हैं। पशुओं की मौत होने की वजह से ये परिवार प्रभावित हुए हैं। ये पशुपालक अपने मकानों में बाड़ा बनाकर सुअर पालन कर रहे थे। महीने भर पहले से फैली बीमारी ने तीन हजार से अधिक जानवरों को अपना निवाला बना लिया। अब हालात यह है कि पशुपालकों के बाड़े खाली हो चुके है जो सुअरों में फैली जानलेवा बीमारी की हकीकत बयां कर रहे हैं।
बोले सुअर पालक
लगभग 1500 सुअर पल रहे थे। 15 दिन के अंदर ही ये सभी सुअर काल के गाल में समा गए। लगातार हो रही मौतों से हम लोग परेशान और दहशत में हैं। -जसवीर बाल्मीकि
जानवरों में कोई गंभीर बीमारी फैल गई है। मेरे सुअर भी अचानक बीमार पड़े और दो से तीन घंटे में मौत हो गई। कस्बे में लगभग तीन हजार सुअर मर चुके हैं। अनिल कुमार बाल्मीकि
हजारों की संख्या में जानवरों की मौत हो चुकी है। हम लोग बर्बाद हो चुके हैं। कोई भी अधिकारी सुध लेने तक नहीं पहुंचा है। -ऊषा बाल्मीकि
जानवरों में फैली बीमारी ने तहस-नहस करके रख दिया है। कई चिकित्सकों से इलाज कराने के बाद भी बचाया नहीं जा सका। सोनू बाल्मीकि
पशुओं में बीमारी फैलने का मामला अभी तक संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी प्राप्त हुई है। मामला गंभीर है, जांच और बीमारी की रोकथाम के लिए कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. बीएस वर्मा, डिप्टी सीवीओ