उत्तर प्रदेश के एटा में नगर पालिका से सेवानिवृत्त होने के छह माह बाद भी कर्मचारी सरकारी आवास पर कब्जा जमाए हुए है। जबकि, पालिका द्वारा आवास खाली करने के लिए कई बार नोटिस दी जा चुकी है। इसके बाद भी कोई असर नहीं पड़ा।
अधिशासी अधिकारी एस.के गौतम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिका में पंप अटेंडेंट का काम करने वाले कर्मचारी पोखपाल को सेवा काल के दौरान सुनहरी नगर में सरकारी आवास दिया गया था। 31 जनवरी को पोखपाल सेवानिवृत्त हो गए, तो नगर पालिका ने उनसे सरकारी आवास खाली करने को कहा। लेकिन, छह माह बीत जाने के बाद भी सरकारी आवास अभी तक खाली नहीं किया।
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अधिसासी अधिकारी एसके गौतम ने कहा कि आवास खाली कराने के लिए दो बार नोटिस भी दिया जा चुका है। लेकिन, पोखपाल सरकारी आवास को खाली नहीं कर रहा है। सरकारी आवास में ही पशुपालन भी किया जा रहा है। इसकी वजह से पानी की टंकी के आसपास गंदगी का ढेर लगा हुआ है। बरसात के मौसम में इस गंदगी की वजह से संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। अगर एक सप्ताह में आवास खाली नहीं किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।