एटा। वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह की सूझबूझ व त्वरित चिकित्सकीय निर्णय से हार्ट अटैक से पीड़ित गंभीर मरीज की जान बच गई।
कॉलेज के नियमित निरीक्षण और राउंड के दौरान प्राचार्य इमरजेंसी विभाग पहुंचे जहां उन्होंने हृदयाघात से ग्रसित मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उसका चिकित्सकीय आंकलन किया। मरीज की स्थिति को गंभीर पाते हुए डॉ. बलवीर सिंह ने आवश्यक जांचें कराईं और बिना समय गंवाए थ्रोम्बोलाइटिक (क्लॉट बस्टर) उपचार शुरू कराया। साथ ही जीवनरक्षक दवा टेनेक्टेप्लेज समेत अन्य आवश्यक दवाएं दी गईं। समय पर मिले उपचार के कारण मरीज की हालत में सुधार हुआ और संभावित गंभीर जटिलताओं को टालते हुए उसकी जान बचाई जा सकी। डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि हार्ट अटैक जैसे मामलों में गोल्डन ऑवर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इस अवधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।