एटा। विकासखंड सकीट की ग्राम पंचायत जलालपुर सांथल में वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 में मनरेगा योजनांतर्गत कई विकास कार्य कराए गए। इसकी जांच सोशल ऑडिट टीम ने की तो 1.39 लाख रुपये का गबन पाया गया। इस पर नोटिस जारी किया गया है। सोशल ऑडिट की टीम ने जांच में पाया कि चकमार्ग निर्माण में एक लाख 39 हजार 336 रुपये का गबन किया गया है।
यहां वित्तीय वर्ष 2020-21 में नहर के पुल से जूनियर विद्यालय तक चकमार्ग का निर्माण किया गया। वहीं साल 2021-22 में चकमार्ग का निर्माण किए बिना फिर धनराशि निकाल ली गई। सोशल ऑडिट टीम ने ग्राम पंचायत के सचिव जितेंद्र, ग्राम प्रधान भगवान देवी, टीए बदन सिंह व रोजगार सेवक अनुज कुमार को गबन के लिए दोषी ठहराया है। इसको लेकर जिला विकास अधिकारी निर्मल कुमार द्विवेदी द्वारा नोटिस जारी किया गया है।
17 को होगी ब्लॉक सभा
विकासखंड कार्यालय पर 17 जनवरी को ब्लॉक सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें ग्राम पंचायत की ओर से गबन के मामले में आरोपियों को पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद विभाग की ओर से रिकवरी के आदेश जारी किए जाएंगे।