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एक और कुपोषित ने अस्पताल में तोड़ा दम

Sat, 13 May 2017 11:10 PM IST
amar ujala
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मासूम की मौत पर गमगीन घर की मह‌िलाएं - फोटो : amar ujala
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 भट्ठी की मानिंद धधकरहे कुपोषण पुनर्वास केंद्र के कमरों में कुपोषितों की सेहत दुरुस्त करने के नाम पर उनकी जान से खिलवाड़ हो रहा है। तभी तो शुक्रवार की रात एक फिर कुपोषण केंद्र में भर्ती मासूम ने इमरजेंसी वार्ड में दम तोड़ दिया। पखवारेभर में पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती यह दूसरे बच्चे की मौत है। इससे पहले 29 अप्रैल को रिजोर क्षेत्र के ही एक बच्चे ने दम तोड़ा था। इसके बाद भी केंद्र की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। मौत पर भड़के डीएम ने अस्पताल पहुंचकर सीएमओ, सीएमएस को फटकार लगाई।  
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रिजोर निवासी राम सरन ने शुक्रवार की दोपहर ढाई माह की दुधमुंही बेटी सुमन को जिला अस्पताल के पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया था। रामसरन ने बताया कि रात करीब 11 बजे बेटी को हिचकियां आने लगी, तो उसे लेकर इमरजेंसी चिकित्सा कक्ष लेकर भागे, जहां डॉक्टर ने चेकअप करते ही उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन रात भर बच्ची को लेकर जिला अस्पताल में बैठे रहे। पर, अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम तक नहीं कराया। सुबह परिवारीजनों को शव समेत घर भेज दिया। शनिवार को पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती मासूम बालिका की मौत की खबर लगते ही डीएम अमित किशोर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की अव्यवस्थाएं देख गुस्सा जताया।

मरीजों के बेड पर नहीं बिछती चादर
प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग ने शुक्रवार को सर्जिकल वार्ड में निरीक्षण के दौरान मरीजों के बेड पर उपचार स्लिप लगाने के  निर्देश दिए थे। पर, शनिवार को जब डीएम अस्पताल पहुंचे, तो उपचार स्लिप तो दूर बेड पर चादर तक नहीं बिछी थी।  
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वार्ड ब्वाय के भाई का लावारिस पड़ा था शव
डीएम अमित किशोर शनिवार को जैसे ही जिला अस्पताल पहुंचे। परिसर में पेड़ के नीचे चादर से लिपटा शव पड़ा था। कार से उतरकर उन्होंने पूछताछ की, तो मालूम हुआ कि सीएमओ कार्यालय में तैनात वार्ड बाय संतराम के भाई रामजी का शव है। जिसकी बीमारी के कारण मौत हुई है। इस अव्यवस्था पर भी डीएम ने नाराजगी जताई।

इमरजेंसी, बर्न वार्ड में नहीं मिले डॉक्टर
डीएम को बर्न वार्ड में लगे एसी से कूलिंग नहीं होती मिली। वहीं डाक्टर भी नहीं थे। पूछतने पर पता चला कि इमरजेंसी कक्ष में गए है। वहां जाने पर भी चिकित्सक नहीं थे, तब बताया गया कि ओपीडी में गए हैं, लेकिन चिकित्सक वहां भी नहीं थे।

इसी सप्ताह पोषण पुनर्वास केंद्र में एसी लगवाया जाएगा। मासूम की मौत की जांच सीडीओ से कराई जा रही है। अव्यवस्थाआें को लेकर सीएमओ और सीएमएस के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा। अव्यवस्थाएं ठीक कराई जाएंगी।
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अमित किशोर
डीएम एटा
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