एटा। माध्यमिक स्कूलों को सोमवार से खोलने के सशर्त आदेश से जहां शिक्षक संगठनों ने विरोध जताया है। वहीं संस्था संचालक सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग जैसे आदेश से असमंजस में हैं। सोमवार से खुल रहे स्कूलों के लिए जारी एडवाइजरी संस्था संचालकों पर भारी पड़ रही है। शिक्षक संगठन आदेश को अव्यवहारिक बताकर विरोध जता रहे हैं। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. ब्रजेश दीक्षित ने बढ़ते संक्रमण के दौर में स्कूल न खोलने की वकालत की।
चंदेल गुट के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने भी शासन के निर्णय को अव्यवहारिक बताया। साथ ही कहा कि 15 से प्रस्तावित ऑनलाइन टीचिंग तक और इंतजार किया जा सकता है। वहीं प्रधानाचार्य नियमित थर्मल स्क्रीनिंग एवं परिसर के सैनिटाइजेशन के लिए फंड की किल्लत बता रहे हैं। प्रधानाचार्य परिषद के मनोज तिवारी ने थर्मल स्केनर एवं परिसर सैनिटाइज कराने के लिए आवश्यक फंड के लिए डीआईओएस से दिशा निर्देश देने की मांग की है। बताते चलें कि निजी संस्थाएं क्षेत्रफल के आधार पर सैनिटाइजेशन कर रही हैं।
ऑनलाइन टीचिंग के लिए कॉलेज आने की क्या जरूरत
एटा। पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य मुकेश शर्मा ने उपस्थिति अनिवार्यता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऑनलाइन शिक्षण के लिए शिक्षकों को स्कूल जाने की क्या जरूरत है। विद्यालयी कामकाज एवं नए प्रवेश के लिए प्रधानाचार्य-शिक्षणेत्तर कर्मचारी सक्षम हैं। शासन एवं संगठन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि जिले के अधिकांश विद्यालयों में कोरोना बचाव के संसाधन एवं व्यवस्थाएं नहीं हैं। ऐसे में तुगलकी फरमान से संक्रमण का खतरा बढ़ेगा। साथ ही पूरे स्टाफ के पहुंचने से अनावश्यक भीड़ भी होगी।