एटा। अनुसूचित जाति के छात्रों को अब इंटरमीडिएट में 60 फीसद अंक लाने पर ही छात्रवृत्ति मिलेगी। निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्स करने के लिए तभी अब उन्हें इसी नियम के अनुसार छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। अभी तक यह नियम पिछड़े और सामान्य जाति के छात्रों पर ही लागू था। प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति में अहम बदलाव किए हैं।
इसके तहत सामान्य, पिछड़े व अनुसूचित जाति के सभी छात्रों के लिए एक समान मानक निर्धारित कर दिया है। देश सरकार के अनु सचिव सतीश कुमार ने इसके लिए आदेश जारी किए हैं। आदेश में साफ कर दिया है कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति भुगतान के लिए निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में संचालित ऐसे मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल पाठ्यक्रम जिनमें प्रवेश इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों के आधार पर होता है। उन कोर्सों के लिए इंटरमीडिएट में न्यूनतम 60 फीसद अथवा इससे अधिकतम अंक लाने वाले छात्र को ही छात्रवृत्रि का लाभ मिलेगा।