एटा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य विभाग निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच कराता है लेकिन जिले में सभी सीएचसी व पीएचसी पर इसको लेकर लापरवाही बरती जा रही है। लक्ष्य के सापेक्ष कुछ ही गर्भवती महिलाओं को ई-रूपी वाउचर दिए गए हैं। महिलाओं को निजी अस्पताल में जाकर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी 8 ब्लॉक पर बने सीएचसी व पीएचसी पर गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराने के लिए ई-रूपी वाउचर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके बाद ओटीपी के माध्यम से अल्ट्रासाउंड कराए जाते हैंं। इस कार्य में जैथरा ब्लॉक की स्थिति सबसे ज्यादा खराब चल रही है। यहां 456 गर्भवती महिलाओं को ई-रुपी वाउचर उपलब्ध कराए जाने थे, लेकिन अभी तक सिर्फ 9 वाउचर ही उपलब्ध कराए गए हैं जिससे गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने में काफी दिक्कत आ रहीं हैं।
वहीं, निधौली कलां में भी स्थिति खराब चल रही है। यहां 304 ई-रूपी वाउचर जारी करने थे लेकिन 38 ही जारी किए गए हैं। इसी तरह सकीट में 359 के सापेक्ष 69, अलीगंज में 257 के सापेक्ष 45, अवागढ़ में 282 के सापेक्ष 175, जलेसर में 456 के सापेक्ष 383, मिरहची में 79 के सापेक्ष 23, शीतलपुर में 74 के सापेक्ष 17, मंडी समिति पर 50 के सापेक्ष 11 और नगला पोता में 23 के सापेक्ष 9 ई-रुपी वाउचर जारी किए गए हैं। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जिन ब्लॉक में ई-रूपी वाउचर जारी किए जाने की स्थिति धीमी है, वहां पर कार्रवाई की जाएगी।