फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएलएड परीक्षा में जमकर हुई नकल

विज्ञापन
जीटी रोड स्तिथ होटल के पास खड़े होकर प्रश्नों के उत्तर लिखते डीएलएड के परीक्षार्थी। - फोटो : ETAH
विज्ञापन
एटा। डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में जमकर नकल हुई। ये नकल भी एक युवक ने छात्र-छात्राओं को मुहैया कराई, इससे पेपर लीक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पेपर लीक होने की पुष्टि नहीं की। महारानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स इंटर कॉलेज के बाहर पिछली बार गणित का पेपर लीक हो गया था, इसके बाद परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराई गई थी।
विज्ञापन

मंगलवार से तीन पालियों में शुरू हुई डीएलएड की परीक्षा के दूसरे दिन सुबह 10 से 11 बजे तक विज्ञान, 12 से एक बजे तक गणित और दो से चार बजे तक सामाजिक अध्ययन की परीक्षा थी। परीक्षा में 2864 पंजीकृत छात्रों में से 43 ने परीक्षा छोड़ दी और कुल 2803 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठे। परीक्षा के दौरान जीटी रोड स्थित महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज, प्रिंटिस इंटर कॉलेज के बाहर गणित और इसके बाद सामाजिक अध्ययन के पेपर में जमकर नकल हुई।
कॉलेज के बाहर एक युवक छात्र-छात्राओं को मोबाइल से देखकर प्रश्नों के उत्तर की नकल उपलब्ध करा रहा था। दो बजे जब पेपर शुरू हुआ तो छात्र इसी युवक से दो हजार रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक में किताबों के पेज, हाथ, कागज और कपड़ों आदि पर लिखकर ले गए।
विज्ञापन

मौके पर मौजूद अमर उजाला संवाददाता ने जब कॉलेज में गेट पर जांच कर रहे शिक्षकों का इस ओर ध्यान दिलाया और बताया कि जिन छात्र-छात्राओं को बिना जांच के कॉलेज में प्रवेश दिया गया है उन पर नकल की सामग्री है। इस पर कॉलेज प्रबंधन ने करीब छह छात्रों को कॉलेज कक्ष के बाहर बरामदे में बैठा दिया। वहीं पेपर लीक और नकल की जानकारी डायट प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह को हुई तो उन्होंने पहले अपने अधीनस्थ को भेजा और बाद में वह स्वयं भी तीन बजे मौके पर पहुंच गए। उनके आते ही कॉलेज प्रशासन ने बरामदे में बैठाए छात्रों को भी कक्ष में बैठा दिया। हालांकि इस दौरान छात्रों की जाकेट आदि सामान बाहर ही रखवा दिया गया।
होटल बना अड्डा
जीटी रोड पर महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज के बराबर दो होटल हैं। पिछली बार भी लीक पेपर बेचने वाले युवक इन्हीं होटलों में ठहरे थे, इस बार भी यह इन्हीं होटलों में ठहरे हैं। इसका प्रमुख कारण अधिकांश परीक्षार्थी भी इन्हीं होटलों में रुके हुए हैं। ऐसे में इन्हें लीक पेपर बेचने में आसानी रहती है।
दो हजार रुपये में बिका था लीक पेपर
डीएलएड का पिछली बार गणित का पेपर दो-दो हजार रुपये में बिका था, इसका समाचार अमर उजाला ने प्रकाशित किया था, तब शिक्षा विभाग के अधिकारी नकारते रहे, बाद में शासन ने पेपर निरस्त कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें