एटा। कोतवाली देहात बिजलीघर से जुड़े करीब साढ़े दस हजार घरों के उपभोक्ताओं को शनिवार दोपहर से रविवार सुबह तक भीषण बिजली संकट का सामना करना पड़ा। उमस भरी गर्मी के बीच हजारों लोग पूरी रात बिजली, पानी के लिए तरसते रहे जबकि बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई।
एक दिन पूर्व शनिवार को दोपहर करीब दो बजे कोतवाली देहात बिजलीघर से दो दर्जन मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति अचानक ठप हो गई। इसके बाद करीब सात घंटे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। रात करीब नौ बजे सप्लाई शुरू हुई लेकिन महज आधे से पौन घंटे बाद शिकोहाबाद रोड फीडर से फिर बिजली गुल हो गई। इसके बाद पूरी रात संबंधित क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहा। बिजली न होने से लोगों के घरों में लगे कूलर और पंखे बंद पड़े रहे। उमस और भीषण गर्मी के कारण लोगों को रातभर छतों, गलियों व सड़कों पर टहलकर समय बिताना पड़ा।
इस समस्या से शिकोहाबाद रोड फीडर से जुड़े चार हजार से अधिक घरों की लगभग 20 से 25 हजार आबादी प्रभावित हुई। नई बस्ती, शिकोहाबाद रोड, सुनहरी नगर, प्रेमनगर समेत कई मोहल्लों के उपभोक्ता बिजली कटौती से परेशान दिखे। विद्युत वितरण नगरीय उपखंड अधिकारी प्रथम दिलीप कुमार भारती ने बताया कि कोतवाली देहात बिजलीघर की 33 केवी लाइन टूट जाने के कारण बिजलीघर लंबे समय तक बंद रहा। कई घंटे की मशक्कत के बाद जब सप्लाई बहाल की गई तो अचानक बढ़े लोड के चलते प्रेमनगर, राधा विहार, अवंतीबाई नगर सहित कई क्षेत्रों के ट्रांसफार्मरों में फेज उड़ गए। इन्हें ठीक करने में रातभर कर्मचारियों को मेहनत करनी पड़ी। बाद में फीडरों को सुचारु रूप से चालू कर दिया गया। तकनीकी खराबी दूर कर आपूर्ति सामान्य कर दी गई है लेकिन लंबे समय तक चली इस समस्या ने विभाग की व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।