एटा। जिला मुख्यालय से अमांपुर-सहावर और गंजडुंडवारा मार्ग पर निजी बसों का बोलबाला है। रोडवेज बसों की कमी के चलते ये मनमाने ढंग से यात्रियों से किराया वसूलते हैं। बसों में निर्धारित से ज्यादा सवारियां बैठाते हैं। इस वजह से दुर्घटना होने का भी खतरा बना रहता है।
काफी संख्या में लोग प्रतिदिन शहर से अमांपुर-सहावर और गंजडुंडवारा मार्ग पर यात्रा करते हैं। अधिकांश यात्रियों को रोडवेज बस के बजाए निजी बसों से सफर करना पड़ रहा है। इनमें किराया और समय दोनों ही अधिक लग रहे हैं। इसके अलावा यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ भी हो रहा है। इस समय अमांपुर-सहावर मार्ग पर 2 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, गंजडुंडवारा मार्ग पर 10 बसें चलाई जा रही हैं। इसके बाद भी रोडवेज बस न मिलने की वजह से लोग निजी बसों से सफर करने को मजबूर हैं।
यात्रियों का कहना है कि अमांपुर मार्ग पर दो बसों के संचालन से कोई खास फायदा नहीं हो रहा है। अमांपुर से बाजार करने या अन्य किसी काम के लिए अधिकांश लोग एटा ही आते हैं। वहीं गंजडुंडवारा से भी काफी लोग शहर से आवागमन करते हैं। रोडवेज की व्यवस्था सही न होने और बसों की कमी के चलते इन लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एआरएम नरेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि इन मार्गों पर पर्याप्त बसें चल रही हैं। लेकिन यहां यात्री निजी बसों के सहारे सफर करना पसंद कर रहे हैं। कोई शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अपनी बहन के घर पटियाली जा रहा हूं, काफी देर से खड़ा हूं मगर रोडवेज बस नहीं मिल रही है। रोडवेज बसें कम होने की वजह से निजी बस से सफर करना पड़ता है। -घनश्याम, फिरोजाबाद
सप्ताह में कम से कम दो बार एटा आते हैं। हर मार्ग पर निजी बसों का बोलवाला है। यह बड़ी समस्या है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए जिससे आरामदायक यात्रा कर सकें। -गोरू, सिकहरा