एटा। जिला पंचायत राज अधिकारी मोहम्मद राशिद को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। यह कार्रवाई विधान वित्त की वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति की संस्तुति पर की गई है।
शासन ने महत्वपूर्ण प्रकरण पर समिति की ओर से आख्या मांगी गई थी, लेकिन डीपीआरओ द्वारा समय पर प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। पंचायती राज निदेशक राजेश कुमार त्यागी की ओर से बताया गया कि पूर्व में मृतक सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत रूपलाल को पदोन्नति के आधार पर वेतन निर्धारण संबंधी आवश्यक आदेश निर्गत किए गए थे।
शासन स्तर से अवसान निर्देश जारी होने के बाद डीपीआरओ मो. राशिद ने न तो अद्यतन स्थिति से अवगत करा सके और न ही संतोषजनक स्पष्टीकरण दे पाए। समिति के समक्ष प्रकरण की असंपूर्ण स्थिति प्रस्तुत होने पर इसे गंभीर लापरवाही माना गया। उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, शासकीय कार्यों में मंद गति और महत्वपूर्ण विषयों में अपेक्षित तत्परता न दिखाने के आधार पर डीपीआरओ को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके बाद निदेशक पंचायती राज विभाग की ओर से निलंबन आदेश जारी कर उन्हें लखनऊ मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया। मामले की जांच निर्देशक पंचायत संजय कुमार बरनवाल को सौंपी गई है।