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Etah News: रेलवे के मुआवजे पर विवाद तेज, किसानों ने जताया विरोध

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कलेक्ट्रेट ​स्थित धरना स्थल पर एसडीएम एआर फारुकी को ज्ञापन सौंपते किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्
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एटा। प्रस्तावित एटा–कासगंज रेलवे लाइन के लिए किसानों की भूमि कम दर पर अधिग्रहित किए जाने के विरोध में ऑल इंडिया किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को गंभीर आपत्ति जताई। इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम एआर फारुकी को सौंपा।
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संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश लोधी ने कहा कि सरकार की ओर से प्रस्तावित रेलवे लाइन से 16 गांव एटा क्षेत्र के प्रभावित हो रहे हैं जबकि 4 गांव कासगंज जिले में आते हैं। प्रस्तावित परियोजना में लगभग 110 हेक्टेयर कृषि भूमि अधिग्रहीत की जानी है, जिससे किसानों का आजीविका स्रोत पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन अधिकारी मनमानी तरीके से भूमि का मूल्यांकन कर रहे हैं। सामान्य कृषि भूमि दर रेलवे मानकों के अनुसार लगभग 28 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया जा रहा है जबकि इसी क्षेत्र के अन्य गांवों में 38 लाख से 54 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया जा रहा है। किसानों ने मांग की कि अधिग्रहित होने वाली भूमि का न्यूनतम मुआवजा 45 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाए।
कैलाश लोधी ने कहा कि अधिग्रहण प्रभावित किसानों को रोजगार व सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने राजस्व विभाग पर भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि खसरा-खतौनी कंप्यूटराइजेशन में कई किसानों की जमीन का अंश निर्धारण गलत कर दिया गया है। संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई और कैंप लगाकर त्रुटियां सुधारी जाएं। उन्होंने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना–प्रदर्शन की चेतावनी दी। लोकेंद्र सिंह, अंकित कुमार, महेश कुमार, किशोरी लाल, विजय कुमार, महावीर सिंह, रविंद्र कुमार, रामानंद सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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