एटा। नायब तहसीलदार के तबादले की मांग को लेकर सदर तहसील के लेखपाल पांच दिन से हड़ताल पर हैं। इससे आईजीआरएस शिकायतों सहित अन्य कई कार्य बाधित हो रहे हैं। शनिवार को थाना समाधान दिवस का भी लेखपालों ने बहिष्कार कर दिया। लेखपाल तहसील सदर में धरने पर बैठे रहे। मांग पूरी न होने पर अनिश्चित कालीन धरने का एलान कर दिया। ऐसे में सदर तहसील के 10 थानों में राजस्व संबंधी मामलों का निस्तारण अटक गया।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव ने बताया नायब तहसीलदार सतीश कुमार सम्राट लेखपालों पर गलत कार्य करने का दबाव बनाते हैं। लेखपालों से सही से बात नहीं करते हैं। उनका रुख ठीक नहीं रहता है। लेखपाल संघ की मांग है जब तक उनका तबादला नहीं हो जाता धरना जारी रहेगा। माह के दूसरे शनिवार को लगने वाले थाना समाधान दिवस का बहिष्कार कर दिया गया है। तहसील सदर क्षेत्र के अंतर्गत 10 थाने आते हैं, किसी में कोई लेखपाल नहीं गया है। थाना समाधान दिवस में 40 से 50 राजस्व संबंधी शिकायतों का निस्तारण लेखपालों द्वारा किया जाता है।
शनिवार को धरना तहसील अध्यक्ष कल्पना भदौरिया की अध्यक्षता में दिया गया है। उन्होंने बताया कि आईजीआरएस, फसल संबंधी जानकारी सहित सभी सरकारी कार्य रोक दिए गए हैं। जब मांग पूरी हो जाएगी तभी कार्यों को किया जाएगा। उन्होंने बताया सोमवार को वह डीएम मामले को लेकर मुलाकात करेंगे। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो तीनों तहसीलों में हड़ताल कर दी जाएगी। पूर्व जिलाध्यक्ष नेमसिंह वर्मा, रामनरेश, अशोक कुमार, रवीश दीक्षित, प्रभुदयाल आदि लेखपाल मौजूद रहे। वहीं नायब तहसीलदार के तबादले को लेकर एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया।
एक दिन में 60 से 70 आईजीआरएस शिकायतों का होता है निस्तारण
संघ के जिलायक्ष ने बताया एक दिन में लेखपालों द्वारा 60 से 70 आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है। बीते पांच दिनों से हड़ताल चल रही है। लेखपालों द्वारा एक भी आईजीआरएस शिकायत का निस्तारण नहीं किया गया है।