एटा। चुनाव से पहले और आयोग के निर्देश पर अन्य समय में भी मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं। आमतौर पर इससे मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी होती है, लेकिन इस चुनाव से पहले चलाए गए अभियानों में दिव्यांग मतदाता बढ़ने के बजाए घट गए। 2022 के विधानसभा चुनावों की अपेक्षा ऐसे मतदाताओं की संख्या में कमी आई है।
2022 में जब विधानसभा चुनाव हुए तो जिले में कुल मतदाता 1282650 थे। इसके बाद चलाए गए पुनरीक्षण अभियानों में संख्या बढ़ी, जो वर्तमान में 1295340 पर है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता बढ़े हैं। इसमें हर उम्र वर्ग के लोग शामिल हैं, लेकिन शारीरिक रूप से अशक्त मतदाताओं की संख्या चौंकाने वाली नजर आ रही है।
2022 के विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान सूची में 11752 दिव्यांग मतदाताओं के नाम शामिल थे। इसके बाद जो पुनरीक्षण अभियान चले, उनमें इनकी संख्या 10 कम हो गई। वर्तमान में यह संख्या 11742 है। जबकि इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में कुल संख्या 9336 थी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष चौधरी ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करते हैं। नाम बढ़ाने के साथ ही मृतक, स्थायी रूप से शिफ्टेड मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का काम भी किया जाता है।
2023 में और कम रह गए थे मतदाता
आयोग के निर्देश पर 2023 में मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इसमें दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 11426 ही रह गई थी। इसके बाद चले अभियान में कुछ सुधार आया।