कासगंज रोड पर वीर विमल क्षेत्र में चल रहे पंच कल्याणक जिन बिंब प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन सोमवार को तीर्थंकरों की प्रतिमा को मंत्रित किया। जय जिनेंद्र का घोष गूंजा और भगवान महावीर का ज्ञान कल्याणक का विधान हुआ। समोशरण की रचना आकर्षण का केंद्र बनी रही।
मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि भगवान के ज्ञान कल्याणक का विधान बहुत पावन प्रसंग है। ज्ञान के समान संसार में दूसरा कोई सुख नहीं है। ज्ञान चेहरे पर नजर नहीं आता, यह आत्मा का विषय है। आप को भी जिस व्यक्ति से ज्ञान प्राप्त हो उसका उपकार कभी नहीं भूलें। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि सांसारिक कार्य कभी खत्म नहीं होते। यदि एक खत्म होता है तो दूसरा शुरू हो जाता है। मानव जीवन आनंद के लिए मिला है। उन्हाेंने कहा कि हमारे पास जो है उससे अधिक पाने की चाह न हो और जो नहीं है उसका दुख न हो तो व्यक्ति आनंद से जीवन जी सकता है। व्यक्ति अपनी कल्पना से सुखी और दुखी होता है। सुबह नित्य नियम अभिषेक के बाद मुनि महावीर की आहार चर्या संपन्न हुई। श्रावकों ने मुनि महावीर को आहार देकर जीवन को धन्य किया। दोपहर में समवशरण में भगवान महावीर की दिव्यध्वनि खिरी। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने भगवान की वाणी का उच्चारण करते हुए श्रावकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रतिमाओं को प्रतिष्ठित करने के लिए सूर्य मंत्र दिया गया। रात आरती में श्रावक और श्राविकाएं जमकर झूमे।
विकास, उमेश, सर्वेश, विवेक, सुन्नेश, राजीव, संजीव, अमित, राहुल, प्रशांत, बबिता जैन, आशा, ऊषा जैन, मेघा जैन समेत तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।
आज पंचकल्याणक महोत्सव का समापन
मंगलवार को भगवान महावीर के निर्वाण कल्याणक के साथ पंचकल्याणक का समापन होगा। कार्यक्रम में विशाल प्रतिमा का महा मस्तक अभिषेक होगा। साथ ही रथयात्रा निकाली जाएगी। मीडिया प्रभारी बबिता जैन ने कार्यक्त्रस्म में पहुंचने की अपील की है।