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दूसरे जिलों से डीएपी मंगा रहा विभाग

Sun, 07 Dec 2014 11:37 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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किसानों ने खरीफ की फसल पर पहले मौसम की मार झेली और अब रबी की फसल पर सरकार की मार झेलनी पड़ रही है। रबी की बुवाई के लिए उपयोग में लाई जाने वाली डीएपी खाद की किल्लत जिले में अब भी बरकरार है। शासन से आस टूटने के बाद कोआपरेटिव विभाग अब दूसरो जिलों की कोआपरेटिव से डीएपी मंगा रहा है।
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जिले में महीने भर से चल रही डीएपी की किल्लत अब भी बरकरार है। कोआपरेटिव विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में अब तक 17500 मीट्रिक टन से अधिक डीएपी किसानों को बांटी जा चुकी है। कोआपरेटिव ने शासन को दो हजार मीट्रिक टन डीएपी की मांग भेजी थी। शासन से डीएपी न मिलने पर अब अन्य जिलों से डीएपी मंगाई जा रही है। विभाग की मानें तो शनिवार सुबह को अलीगढ़ से 300 मीट्रिक टन डीएपी मंगाई गई।


 इसमें से 60 मीट्रिक टन डीएपी मंडी समिति व जिले की अन्य समितियों को भेज दी गई। अन्य जिलों से भी डीएपी मंगाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां अब डीएपी की मांग कम हो चुकी है।
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खाद के साथ लगेज का विरोध
एटा। सहकारी समितियों पर खाद के साथ लगेज मिलने पर किसान इसका विरोध कर रहे हैं। मंडी समिति स्थित इफ्को के केंद्र पर यूरिया के साथ केंद्र के कर्मचारी यूरिया के साथ जिंक दे रहे थे। इसकी कीमत किसानों से अलग से वसूली जा रही है। किसानों के विरोध के बाद कर्मचारियों ने यूरिया के साथ दिया जा रहा लगेज बंद कर दिया।
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शनिवार को अलीगढ़ से 300 मीट्रिक टन डीएपी मंगाई गई है। जिले में डीएपी की पूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- विनोद कुमार शर्मा, सहायक निबंधक, कोआपरेटिव



सुस्त गति से शुरू हुई धान की खरीद
एटा। जिले में इस बार मौसम की बेरुखी के चलते एक तो पहले से ही धान की पैदावार कम हुई है, वहीं सुस्त गति से शुरू हुई धान की खरीद भी किसानों को परेशान कर रही है। खरीद के लिए बनाए गए पीसीएफ के सात केंद्रों पर व एफसीआई के एक केंद्र पर अभी धान की खरीद शुरू भी नहीं हो पाई है। यही कारण है कि जिले में अब तक 184 क्विंटल ही धान की खरीद शुरू हो पाई है, जबकि लक्ष्य इस बार जिले को छह हजार मीट्रिक टन मिला है।



जिले में बने हैं धान खरीद के 12 केंद्र
एटा। खाद्य विभाग के अनुसार इस बार जिले में 12 केंद्र बनाए गए हैं। खाद्य विभाग के तीन, पीसीएफ के सात, यूपीएसएस के एक व एफसीआई का एक केंद्र बनाया गया है। जिले में इस बार धान का समर्थन मूल्य 1360 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। खाद्य विभाग ने दोनों विभागों को जल्द से जल्द धान खरीद शुरू करने के लिए कहा है।
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