जिले में अभी तक 22 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। इनके अलावा बुखार के कुछ मरीज ऐसे भी मिले हैं, जिनकी प्लेटलेट्स सामान्य हैं, लेकिन एनएस-1 कार्ड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव मिल रही है। हालांकि, एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा के मुताबिक अगर लोग सतर्क नहीं होंगे, तो गिरते तापमान के बीच डेंगू का डंक और तेज होगा।
लार्वा कराया नष्ट
स्वास्थ्य कर्मियों की मानें तो जहां लार्वा मिलता है, टीम उसे नष्ट कराती है। मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक घर के बाहर रखे गमलों में भी काफी जगह लार्वा मिला मिला है। टीम ने लोगों को सप्ताह में एक बार गमले, कूलर की टंकी, फ्रिज की बैक ट्रे, गुलदस्ते, गमले आदि की सफाई का सुझाव दिया है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि लोगों से अपील है कि वे घरों के पुराने बर्तन, गमले, बैक ट्रे, कूलर की टंकी को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें। सर्वे टीम का भी सहयोग करें, ताकि मच्छरजनित रोगों से बचाव हो सके।