एटा। निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र के सिरांव गांव में संक्रमण फैला है, गांव में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक बुखार से पीड़ित हैं। जिनकी संख्या 200 से अधिक है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो गांव में डेंगू संक्रमण से ग्रसित तीन मरीज मिल चुके हैं। जबकि निजी पैथोलॉजी की जांच में कई लोग डेंगू पीड़ित बताए गए हैं। जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। लेकिन जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य टीम के पास जांच के लिए किटें नहीं थीं।
सिरांव गांव की आबादी 2300 के लगभग है। यहां हर तीसरे घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित मरीज है। गांव के अधिकांश लोग बीमारों का उपचार निजी डॉक्टरों से करा रहे हैं। चिकित्सक द्वारा जांचें भी कराई जा रही हैं। जांच रिपोर्ट में मरीजों में प्लेटलेट्स कम बताए जा रहे हैं। इसके चलते बुखार पीड़ितों का उपचार डेंगू बताकर किया जा रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की जांच में 11 वर्षीय बच्ची डेंगू पॉजिटिव पाई गई। बृहस्पतिवार को गांव के ही दो अन्य व्यक्तियों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
इन हालातों को देखते हुए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तीन स्थानों पर शिविर लगाए गए। यहां दो स्थानों पर सभी प्रकार के मरीज आ रहे थे। जहां चिकित्सक द्वारा नाम नोट कर उनकी बीमारी, परेशानी आदि के बारे में जानकारी की गई। मरीज द्वारा बीमारी बताने पर उसे दवा दी जा रही थी। ऐसी ही स्थिति गांव में लगे दूसरे शिविर की थी। गांव में घुसते ही एमएमयू की गाड़ी खड़ी थी। यहां मरीजों की भीड़ नहीं थी। एमएमयू कर्मियों द्वारा बताया गया कि 95 मरीजों का इलाज किया गया है। एक डेंगू की जांच हुई है। रिपोर्ट निगेटिव आई है। जब अन्य मरीजों की मलेरिया व डेंगू की जांच का सवाल किया गया तो कर्मचारी चुप्पी साध गए। पता चला कि डेंगू, मलेरिया की जांच किट ही नहीं थीं। ऐसा ही हाल दोनों शिविरों का था।