जिला अस्पताल में उपचार कराने को कतार में खड़े मरीज- संवाद
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एटा। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएसची तक मरीजों की भरमार है। दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में संसाधनों का अभाव है। जिला अस्पताल में सिर्फ चार बेड का ही डेंगू वार्ड बनाया है।
शहर से लेकर ग्रामीण तक के लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे है, लेकिन जिला अस्पताल में संसाधनों के अभाव मरीजों को खल रहा है। जिला अस्पताल में चार बेड का डेंगू वार्ड बना है। जबकि प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक मरीजों को एनएस-1 की पुष्टि हो रही है। मजबूरन मरीज लोग निजी अस्पतालों में होम पहुंच रहे हैं।
डॉक्टर उठने के बाद मिलती रिपोर्ट
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के उठने के बाद मरीजों को खून जांच की रिपोर्ट मिलती है। ऐसे में वह चिकित्सकों को दिखाने के लिए भटकते रहते हैं। वहीं कुछ नर्सिंग होम में चले जाते है।
जिला अस्पताल में सुबह से शाम छह बजे तक मरीजों की जांच किए जाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया जा रहा है। साफ सफाई के निर्देश भी दिए हैं।
सुखलाल भारती, डीएम।
जिले के हर गांव व शहर के मोहल्लों में फागिंग कराई जा रही है। प्रत्येक गांव में कैंप लगाया जा रहा है। इसके साथ ही होम्योपैथिक दवा के अलग से कैंप लगाए जा रहे हैं। जिले में 4 मरीज ही डेंगू से पीड़ित मिले हैं।
डॉ. अजय अग्रवाल,सीएमओ