एटा। मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग में कई सारे मरीज पहुंचते हैं। इसमें कुछ मरीजों की हड्डी टूटने की वजह से उनका ऑपरेशन किया जाता है, लेकिन यहां पर चिकित्सकों द्वारा मनमानी की जाती है। ऑपरेशन करने के रुपये लिए जाते हैं जबकि मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन निशुल्क किया जाता है। ऑपरेशन के दौरान टूटे हुए अंग में कोई उपकरण डालने की रसीद तक उपलब्ध नहीं कराई जाती है।
विकास खंड शीतलपुर के गांव कुसाड़ी निवासी रामदेवी का पिछले सप्ताह कूल्हा टूट गया था। पिछले बुधवार को उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। रामदेवी के बेटे जसरथ ने बताया कि कूल्हे में उपकरण पड़ने के साथ ही ऑपरेशन का खर्चा चिकित्सकों की ओर से 15 हजार रुपये बताया गया। इतनी धनराशि तीमारदार पर नहीं होने की वजह से उसने अन्य चिकित्सकों से धनराशि कम करने की सिफारिश कराई। इस पर हड्डी रोग विभाग में तैनात चिकित्सक भड़क गए।
चिकित्सकों ने प्लेटलेट्स कम होने का हवाला देकर रामदेवी को बिना ऑपरेशन के घर भेज दिया। वहीं हड्डी रोग विभाग में अन्य मरीजों से भी रुपये वसूले जाते हैं। इसके साथ ही मरीजों के टूटे हुए अंग में उपकरण डालने के रूपये देने के बाद मरीजों को रशीद तक नहीं दी जाती है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।