एटा। मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन शहर के कई इलाके और गांवों में जहां बांस बल्लियों पर बिजली दौड़ रही है, वहीं घरों से सटे बिजली के तार पोल खतरा बने हैं। अभी तक बिजली विभाग ने इनकी सुध नहीं ली है। बरसात में होने वाले हादसों को लेकर यहां रह लोग चिंतित हैं, जबकि पूर्व में भी हादसे हो चुके हैं।
एक तो वैसे ही उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल रही। ऊपर से समस्याएं उनको घेरे हुए हैं। विभाग भी सुविधाएं देने में नाकाम है। शहर ही नहीं आसपास के गांवों में आज भी बिजली के खंभे नहीं लगे हैं। बिजली के तार सड़क से घरों तक बास बल्लियों के सहारे जा रहे हैं। कहीं-कहीं तार और खंभे घरों की छतों के ऊपर से वह चिपक कर निकल रहे हैं। इसके चलते इन घरों में रहने वाले लोगों के सामने हर समय मौत मंडराती रहती है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
शहर के पीपल अड्डा स्थित एक स्कूल के ऊपर से जा रहे तार काफी नीचे तक झुके हुए हैं। कोई हादसा न हो जाए इस लिए स्कूल प्रशासन ने छत पर बल्ली लगाकर इन तारों को रोक रखा है। वर्मा नगर में भी बिजली के तार बांस बल्लियों पर टिके हैं। गांव शिवसिंहपुर और शीतलपुर में भी यही हाल है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि पूर्व में कई बार लिखित और मौखिक रूप से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराकर खंभे लगवाए जाने की मांग की है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में हर समय उनकी जान को खतरा बना रहता है। तार नीचे होने व बास बल्लियां पर इनके टिके होने के चलते करंट दौड़ता है। पूर्व में यहां करंट आने से कई जानवर मर चुके हैं, वहीं लोग भी चपेट में आने से बच गए हैं। बता दें कि दो-तीन साल पहले श्रृंगार नगर में घर के ऊपर से जा रहे तारों से चिपककर एक बालिका की मौत हो गई थी, जबकि एक युवक झुलस गया था। शिवसिंहपुर निवासी नेमसिंह राजपूत, दुर्गेश यादव, रामप्रकाश, शीटू आदि ने विद्युत विभाग से खंभे लगवाए जाने की मांग की है।
क्या बोले अधिशासी अभियंता
उक्त क्षेत्र के लोगों ने विभाग को गलत सूचना देकर कनेक्शन ले लिए हैं। उन्हें लाइन खिंचवाने के लिए पैसा जमा करना होगा, तभी आगे की कार्रवाई होगी।
-राजीव चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता शहरी