एटा। साइबर ठग तरह-तरह से लोगों को झांसे में लेकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। एक साइबर ठग ने कोतवाली नगर के मोहल्ला प्रेमनगर निवासी मंगेश कुमार को 11 फरवरी को कॉल की। कहा कि मैं दिल्ली पुलिस का डीसीपी बोल रहा हूं। तुम्हारा बेटा हमारे पास है। उसे रेप केस लगाकर जेल भेज रहे हैं। अगर बचाना चाहते हो तो 2 लाख रुपये की व्यवस्था कर हमारे खाते में डाल दो। यह सुनकर मंगेश भयभीत हो गया और उसने बताए गए खाते में 5 बार में 50 हजार रुपये डाल दिए। मंगेश कुमार ने बताया कि थोड़ी देर बाद जानकारी मिली कि मेरे साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। तुरंत मैंने 1930 पर कॉल कर शिकायत की। थाना साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक से शिकायत की मगर किसी ने नहीं सुनी। तब थक हारकर न्यायालय की शरण ली है। थाना साइबर क्राइम प्रभारी दयानारायण ने बताया कि इस प्रकार के ठग फर्जी वर्दी पहनकर लोगों को वीडियो कॉल भी करते हैं। मासूम लोग इनके दबाव में आकर घबरा जाते हैं और बिना जानकारी किए ही इनके बताए खाते में रुपये डाल देते हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि इस प्रकार के साइबर फ्रॉड से बच सकें।
दिल्ली का डीसीपी बताकर ठगा
एसपी बताकर मांगे 12 हजार रुपयेअवागढ़। थाना क्षेत्र के गांव नगला सीर निवासी रघुवीर सिंह को साइबर अपराधी उसे ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बताया कि उनके बेटे के नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आती है। वह व्यक्ति अपने आप को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बताता है। कहता है कि एक मामले में तुम्हारे वारंट जारी हो चुके हैं। तुम लोग जेल के अंदर चक्की पीसोगे। हमारे नंबर पर 12000 रुपये डाल दो तो मैटर निपटा दिया जाएगा। संवाद