महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष
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भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष स्वाति दयाशंकर सिंह ने कहा कि बहन बेटियों का अपमान करने वाली मायावती के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलाकर ही संकल्प पूरा होगा। मायावती को दलितों की नहीं, दौलत की देवी बताते हुए कहा कि दलितों के नाम पर वोट बटोरने वाली पार्टी में दलितों, महिलाओं को सम्मान नहीं मिलता।
दयाशंकर सिंह प्रकरण पर मायावती को दोषी बताते हुए स्वाति सिंह ने कहा कि राज्यसभा में बयान देकर समर्थकाें को भड़काया और उसके बाद लखनऊ में सार्वजनिक सभाओं में उनके पति ही नहीं मेरे और 12 वर्षीय बेटी को कहे गए अपशब्द बसपा की संस्कृति एवं पहचान बन गए हैं। प्रदेश की सपा सरकार को भी इस साजिश में माया का साथ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश ने विधानसभा में स्वीकार किया था कि बुआजी के कहने पर दयाशंकर को गिरफ्तार कराया है। संघर्ष का वो दौर मानसिक यातना थी। घटनाक्रम के लिए मायावती को दोषी बताते हुए उन्होंने मायावती के खिलाफ चुनाव लड़ने की इच्छा जताई। पति दयाशंकर सिंह को भाजपा से निष्कासन पर स्वाती ने कहा कि एक पत्नी के रूप में वह जरूर आहत हुईं, लेकिन संघर्ष में पार्टी ने साथ दिया। ट्रिपल तलाक को अनुचित बताते हुए कहा कि महिलाएं खिलौना नहीं हैं जिन्हें बदल-बदल कर खेला जाए। स्वाति सिंह के स्वागत के लिए क्षत्रिय समाज सड़कों पर दिखाई दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ दिनेश वशिष्ठ, भूपेंद्र सिंह, पूर्व विधायक कुबेर सिंह अंगरिया, अजय यादव, सुधाकर वर्मा, पंकज गुप्ता, दुलारे सिंह भदौरिया, विशनपाल सिंह चौहान विक्रांत माधौरिया ने संबोधित किया। संचालन संदीप जैन ने किया।
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बेटी किसी से कम नहीं
मोदी के बेटी पढ़ाई बेटी बढ़ाओ के नारे का समर्थन करते हुए स्वाती ने कहा कि वह शिक्षित हैं तभी तो पति की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि बेटी किसी से कम नहीं है। ऐसे में हमें बेटियों की शिक्षा एवं सुरक्षा के प्रति गंभीर रहना है।