तीन घंटे सिंगतरा में अफरातफरी और दहशत का माहौल रहा। भीड़ और पुलिस मकान को घेरे थी, आरोपी ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे थे। मकान में घुसने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था। पुलिस दो चुनौतियों के बीच घिरी थी। एक तो भीड़ गुस्से में थी और हाथ लगते ही आरोपियों को मारने पर उतारू थी, दूसरे आरोपी लगातार फायरिंग कर रहे थे। घंटों रणनीति बनाई जाती रही, बाद में बुलेट प्रूफ जैकेट और अन्य बाडी प्रोटेक्टर से लैस होकर पुलिस मकान में घुसी और पांच आरोपियों को दबोचा।
इस मामले में मौके पर सबसे पहले पहुंचे पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आई। घटना के बाद ग्रामीणों ने फायरिंग करने वाले युवक वीरेंद्र को ग्रामीणों ने दबोच लिया था और उसे पीटने लगे। इसी बीच पुलिस भी गांव में पहुंच गई। ग्रामीणों की भीड़ उसे मार डालने पर उतारू थी। पुलिस ने किसी तरह से उसे अपने कब्जे में लिया, लेकिन थाने भिजवाने के बजाए, उसी के घर में बंद कर दिया। इसके बाद उसने और उसके घरवालों ने फिर से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की इसी चूक ने ग्रामीणों को भी पुलिस के खिलाफ कर दिया और उनका गुस्सा भी पुलिस को झेलना पड़ रहा था, दूसरी ओर आरोपी लगातार फायरिंग और पथराव कर रहे थे। दो दरोगा भी इसमें घायल हो गए। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ी। सीओ शबीह हैदर सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने अपने को हेलमेट, बुलेट प्रूफ जैकेट से कवर कर लिया और आसपास के घरों के से होकर आरोपियों के मकान में प्रवेश किया। अंदर भी इन्हें काबू करने में पुलिस को काफी वक्त लग गया। पुलिस कभी सरेंडर करने को कहती तो कभी सख्त कार्रवाई की चेतावनी देती। बाद में गिरफ्तार आरोपियों में वीरेंद्र, बृज नंदन, अनिल दीक्षित, वीरेश एवं रिंकू को कड़ी सुरक्षा में पुलिस कोतवाली के लिए रवाना हुई। इस दौरान तीन घंटे तक गांव में दहशत का माहौल रहा।
युवक की मौत से मच गया कोहराम
कासगंज। ग्राम सिंगतरा में फायरिंग में युवक की मौत की घटना से कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। बहन रेखा, भाई सुरेश एवं उसकी मां बेहाल हो रही थी। ग्रामीण महिलाओं को उनको सांत्वना देने के लिए काफी प्रयास करने पड़ रहे थे।
वीरेंद्र ने लेखपाल और प्रधान को दी थी धमकी
कासगंज। पूर्व में भी आरोपी वीरेंद्र व उसके परिवार की दबंगई की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। प्रधान काली चरन ने बताया कि एक माह पहले गांव में सरकारी जमीन पर लग रहे खड़ंजे की पैमाइश के लिए लेखपाल आए थे। तब भी आरोपियों ने उन्हें व लेखपाल को जान से मारने की धमकी दी। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस ने रायफल व बंदूक ली कब्जे में
कासगंज। पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई रायफल व बंदूक को अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा पुलिस ने घर के अंदर से कई कारतूस भी बरामद किए। इसके अलावा जगह जगह बिखरे पड़े खून के धब्बों के नमूने भी एकत्र किए।