गांव सिंगतरा में मामूली विवाद में एक युवक वीरेंद्र ने लाइसेंसी राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना में गांव के ही सतेंद्र (20) की गोली लगने से मौत हो गई, एक बालक सहित छह अन्य घायल हो गए। बाद में वीरेंद्र और उसके परिवारीजनों ने मकान की छत पर चढ़कर भी ग्रामीणों व पुलिस पर पथराव-फायरिंग की, जिसमें एक दरोगा गोली लगने तो एक पथराव में घायल हो गया। पुलिस ने वीरेेंद्र सहित आठ के खिलाफ मामला दर्ज कर पांच लोगों को राइफल और बंदूक समेत गिरफ्तार कर लिया हैं।
घटना शनिवार दोपहर करीब 11:30 बजे हुई और पहले मक्का निकलवाने को लेकर हुई मामूली कहासुनी को घटना की वजह बताया जा रहा है। इसमें सतेंद्र के पिता सतीश (45), राजकिशोर (25), दुर्गेश (तीन माह) पुत्र इंद्रपाल, ईश्वर प्यारी (38), कपूरी देवी (40), दरोगा राजवीर सिंह को भी गोली लगी है। एक दरोगा विक्रांत सिंह पत्थर लगने से घायल हुए तो ईश्वर प्यारी की बेटी पुष्पा देवी (22) को राइफल की बट से प्रहार कर घायल कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि ग्राम निविया निवासी गजराज सिंह अपने एक रिश्तेदार सतीश की मक्का निकाल रहा था। इसी बीच वीरेंद्र वहां पहुंचा और पहले मक्का निकलवाने के लिए गाली गलौच करने लगा। बाद में वह अपने घर से लाइसेंसी राइफल लेकर आया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने वीरेंद्र को राइफल के साथ दबोच लिया और उसे पीटने लगे, इसी बीच गांव में पुलिस पहुंच गई और उसे बचा लिया, लेकिन पुलिस ने उसे थाने भेजने के बजाए, उसके घर में ही बंद कर दिया। इसके बाद उसने और उसके घरवालों ने फिर से फायरिंग कर दी। सूचना पर सीओ सबीह हैदर, सीओ पटियाली अमृत लाल, उपजिलाधिकारी अंजनी सिंह, तहसीलदार कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पड़ोस के मकानों से होकर पुलिस अंदर घुसी और वीरेंद्र, उसके भाई अनिल दीक्षित, बृज नंदन, वीरेश और रिंकू को गिरफ्तार कर लिया हैं। मौके पर पहुंचे एसपी सुनील कुमार ने मृतक के परिवारीजनों और ग्रामीणों को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।