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पेशी पर जा रहे ग्रामीण गोली मारकर हत्या

Thu, 05 Jan 2017 12:26 AM IST
Amar Ujala
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 तारीख पर जा रहे गांव सदियापुर निवासी राम निवास (53) की कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी।  गांव में दो परिवारों के बीच चली आ रही रंजिश में यह हत्या की तीसरी घटना है। हत्यारोपी मृतक की भतीजी की हत्या के मामले में फरार चल रहे हैं और उन्होंने रामनिवास की भी हत्या करने का भी एलान किया हुआ था।
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घटना बुधवार सुबह नौ बजे थाना क्षेत्र में गांव रूपधनी बाग के पास हुई। राम निवास (53) पुत्र बलवीर सिंह बुधवार को हत्या के एक मामले में जेल में बंद बेटे संदीप, भाई राजेश्वर सिंह और राम नरेश के मामले की पैरवी करने के लिए तारीख पर जा रहे थे। उनके साथ गांव के ही नाहर सिंह, राजेंद्र, बलबीर, विवेक कुमार भी थे। कोहरे के चलते रामनिवास आगे निकल गया जबकि अन्य साथी पीछे रह गए।

बाग के पास पहले से घात लगाए बैठे उदय प्रताप, उजीर सिंह, वीर प्रताप, मनवीर उर्फ गुपाल, सुधीर और एक अज्ञात ने उसे दबोच लिया और पीटने लगे। बाद में उसे गोली मार दी। चीख पुकार सुनकर लोगों को आता देख आरोपी फायरिंग कर बाइक से फरार हो गए। सूचना पर एएसपी, सीओ, एसओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए। मृतक के बेटे ने शिव कुमार ने पांच नामजद एवं एक अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिला अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि आरोपियों पर पहले से ही रामनिवास की हत्या करने का एलान किया हुआ था, इसी के चलते तीन अन्य लोगों के साथ वह तारीख पर जा रहा था।  
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 ग्रामीणों का कहना है कि करीब 45 दिन पूर्व मृतक की भतीजी की हत्या कर दी गई थी। इसमें नामजद आरोपी फरार चल रहे है और उन्होंने रामनिवास की भी हत्या करने का एलान किया हुआ था। यदि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया होता तो रामनिवास की जान नहीं जाती। ग्रामीणों और परिवारीजनों में पुलिस के खिलाफ रोष है।

 
सदियापुर गांव में चली आ रही इस रंजिश की शुरूआत वर्ष 2013 में रामप्रताप की हत्या से हुई थी। इसमें रामनिवास के भाई राजेश्वर सिंह, राम नरेश और बेटे संदी समेत चार को नामजद किया गया था। सभी आरोपी इस समय जेल में हैं।  गत 20 नवंबर को जेल में निरुद्ध राजेश्वर सिंह की बेटी दीप्ती की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक रामप्रताप के भाई उदय प्रताप, वीर प्रताप, हरवेश, सचिन उर्फ बंटू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। ये सभी फरार चल रहे हैं।  गांव के शिव कुमार, राजेंद्र, नाहर सिंह अनमोल, विकास ने बताया कि दीप्ती की हत्या में नामजद आरोपी यदि जेल में होते तो शायद राम निवास की हत्या नहीं होती। आरोप है कि पुलिस ने साठगांठ कर आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं की और एलान कर हत्या की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। ग्रामीणों की माने तो फरार आरोपियों के खिलाफ 82-83 की कार्रवाई भी हुई है। लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई और रंजिश में तीसरी हत्या हो गई।
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