सहावर के चाड़ी बदगद नगला के निकट सड़क पर कीले डालकर बस लूटने की बदमाशों की योजना विफल हो गई। बदमाशों ने चालक के साथ मारपीट की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली, लेकिन लूट न हो पाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
कासगंज डीपो की बस संख्या 9419 को चालक ओमकार पटियाली के लिए लेकर जा रहा था। सुबह पांच बजे के करीब जब बस चाड़ी के निकट पहुंची तो वहां पर बदमाशों के द्वारा पहले से ही डाली गईं कीलों से परिचालक साइड के अगले एवं पिछले पहिये पंचर हो गए। इसके बाद चालक ने बस को रोक लिया। इसी बीच पीछे से कासगंज डीपो की बस संख्या 9247 वहां आ गई। चालक ने सूझ बूझ का परिचय देते हुए बस के परिचालक एवं सवारियों को उसमें बिठा दिया। यह बस आगे लिए रवाना हो गई। कुछ बदमाश झाड़ियों से निकलकर बाहर आए। लेकिन बस में सवारियां एवं परिचालक के न होने से वे लूट की वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। उन्होंने बस के चालक को नीचे उतारकर मारपीट की एवं उससे परिचालक एवं सवारियों आदि के बारे में पूछा। जब उन्हें पता चला की सवारियां एवं परिचालक दूसरी बस में चले गए तो वे चालक को छोड़कर चले गए। थाना प्रभारी ने बताया कि लूट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन मामला झूठा निकला।
पहले भी हो चुकी है घटना
कासगंज। कासगंज अमांपुर मार्ग पर बस लूट की घटना पहले भी हो चुकी है। लगभग 20 दिन पहले बदमाशों ने इसी तरह मार्ग पर कीले डाल दी थीं। जिससे बस में पंचर हो गया और बदमाशों ने बुद्ध विहार डिपो की बस में लूट की वारदात को अंजाम दिया।