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मौत का भयावह मंजर, कोहराम

Sat, 13 Jun 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
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घटना के बाद सड़क पर लाशों का ढेर नजर आया। इन लाशों में किसी ने अपनी पत्नी, किसी ने बहु तो किसी ने बेटी को खो दिया था। एक-एक परिवार से कई लोगों की मौत से कोहराम मचा था। गांव पुरा निवासी रामेंद्र ने अपनी पत्नी बीना, बेटी निशा (5), तीन वर्षीय विकास को खो दिया। गोपी ने अपनी दो बेटी रेखा और चंद्रप्रभा को खो दिया। सड़कों पर बिखरी लाशों को देख राहगीर भी अपने आंसू नहीं रोक सके। घटना की जानकारी लगने पर पुरा के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोगों का हुजूम घटनास्थल पर नजर आया।
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गांव पुरा में सन्नाटा दिखाई दिया। जैसे ही घटना की जानकारी लगी, लोग जिस हाल में थे मौके की ओर दौड़ पड़े। महिलाएं दरवाजे की कुंडी लगाकर ही भागीं। किसी के घर में चूल्हे तक नहीं जले। हर कोई इस घटना से व्यथित नजर आया। ग्रामीणों ने चालक को पकड़ लिया था, उसके साथ मारपीट कर दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने चालक को किसी तरह से छुड़ाया और थाने ले गई।

यह लोग हुए घायल
- उमेश, कृष्ण, नीलेश, मंजेश, पुष्पा देवी, खुशबू, विष्णु, आशा देवी, नीतू, खुशबू पुत्री नरेश, रजनी देवी, भावना, कल्पना, पतरी, अंजली, लाखन सिंह, कुसुमा देवी, मंजू,निधि, अर्चना, ललिता देवी, नेहा, मालती देवी, पोती देवी, मंजू देवी, भावना पुत्री रवेंद्र, रजनी, बेबी देवी, अशोक, इंद्रजीत, करिश्मा सभी निवासी पुरा मलावन तथा सुखवीर निवासी असरौली, सोनू दावनी ढोलना कासगंज घायल हुए। जबकि कृष्ण, कुमारी आशा, कुमारी नीतू, कुमारी खुशबू, कुमारी पतरी, कुमारी रजनी, अंजली, कुसुमा देवी, कुमारी मालती, मंजू देवी, कुमारी रजनी, अशोक, इंद्रजीत की हालत गंभीर देख आगरा रेफर कर दिया है।
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दर्द से कराह थे घायल, सिसक रहे थे परिवारीजन
जिला अस्पताल में मची अफरा-तफरी  
एटा। हादसे में घायल हुए लोगों से जिला अस्पताल का सर्जिकल वार्ड भर गया। हरे  बेड पर घायल थे। इनकी कराह और तीमारदारों की सिसकियों से माहौल गमगीन था। घायलों के साथ आए कुछ परिवारीजन तो मृतकों की बात कर सुबक रहे थे। सुबह से सामान्य दिख रहा जिला अस्पताल ग्यारह बजते ही चीख-दर्द से गूंज उठा। दर्जनों घायल और सैकड़ों परिवारीजन रोते बिलखते दिखाई दिए। खून से लथपथ घायलों को देखकर चिकित्सकों फार्मासिस्ट के भी हाथ पांव फूल रहे थे। इसी दौरान एक घायलों में शामिल एक बच्ची रुचि ने दम तोड़ दिया। बदहवास माता-पिता बेटी की मौत पर बिलख रहे थे। हादसे की सूचना पर पहुंच रहे परिवारीजन, रिश्तेदारों की भीड़ बढ़ती ही जा रही थी। कुछ ही देर में यहां हजारों की भीड़ हो गई।

देखते ही देखते बेटी ने तोड़ दिया दम
हादसे का शिकार हुई तीन सगी बहिनों की मां का बुरा हाल था। अभागी गिरिजा खून से लथपथ मासूम बेटियों को देखकर तड़प रही थी। इसी दौरान दम तोड़ चुकी बेटी रुचि को देखकर उसकी चीख निकल गई। उसकी आंखों के सामने अंधेरा था। पगलाई अभागी गिरिजा कभी दिवंगत बेटी के सिर पर हाथ रखकर बिलखती तो कभी सर्जिकल वार्ड में घायल पड़ी बेटियों खुशबू और करिश्मा को देखकर तड़प उठती। उसका हाल देखकर लोग आंसू नहीं रोक पा रहे थे।

चिकित्सकों की कमी काफी खली
चिकित्सकों की कमी एक बार फिर जिला अस्तपाल में उजागर हुई। अस्तपाल में घायलों के लिए उपचार करने वाले कम पड़ गए। गंभीर घायलों को आगरा रेफर कर दिया गया। वहीं सामान्य घायलों को फर्स्ट एड दी गई। सूचना पर पहुंचे शहर के निजी चिकित्सकों ने भी घायलों के उपचार में मदद की। बताते चलें कि जिला अस्पताल में काफी समय से सर्जन नहीं हैं। सीएमएस डॉ. प्रदीप कुमार ने बाहर से प्राइवेट चिकित्सकों को बुलाया, साथ ही जिला अस्पताल के सर्जीकल वार्ड, महिला वार्ड सभी के सभी मरीजों से भरे पड़े नजर आए। वहीं घायलों को रेफर करने के लिए प्राइवेट एंबुलेंस भी बुला ली थीं। शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाई गई। पुलिस ने सभी शवों का पंचनामा भरा।

व्यापार मंडल सहायता के लिए आया आगे
हादसे की सूचना पर सक्रिय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल मिश्रा गुट हताहतों की सहायता के लिए आगे आया। जिला महामंत्री दिनेश वार्ष्णेय, युवा जिलाध्यक्ष अतुल राठी, कल्लू खां के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारी नेताओं ने ठंडा पानी, शवों के लिए कपड़ा एवं बर्फ आदि उपलब्ध कराई।

गाड़ियों में तोड़फोड़ से मचा हड़कंप
घटना स्थल पर जैसे ही क्यूआरटी सहित अन्य फोर्स पहुंचा और जाम खुलवाने की कोशिश की। तभी आक्रोशित ग्रामीणों ने क्यूआरटी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए।  इतना ही नहीं पथराव भी किया। पथराव के बाद लोगों में भदगड़ मच गई।

सक्रिय रहे सभी दलों के नेता
घटना की जानकारी लगते ही राजनैतिक नेताओं का जमावड़ा लग गया। घटनास्थल पर जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता एडवोकेट, शशिकांत वर्मा, पूर्व विधायक शिशुपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक अजय यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, बसपा नेता बलवीर भास्कर, गजेंद्र सिंह चौहान, नेम सिंह राजपूत, जहीर अहमद, सपा नेता शराफत हुसैन, अनिल यादव, आनंद यादव के अलावा व्यापारी नेता भी मौके पर पहुंच गए। दूसरी ओर प्रभारी डीएम और सीडीओ साहब सिंह, एसएसपी एसके वर्मा, एडीएम प्रशासन लालमणि मिश्र, एएसपी विसर्जन सिंह यादव, एएसपी क्राइम आरपी गुप्ता, एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह आदि मौजूद थे।


जाम के बाद पैदल ही निकले लिए यात्री
ग्रामीणों द्वारा जाम लगाने के बाद पुलिस ने वाहन पहले ही रुकवा दिए थे। कई घंटे बाद भी जाम न खुलने पर यात्री पैदल-पैदल ही निकल लिए। लंबा जाम न लगे, जिसे लेकर ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को अलीगंज रोड से निकाला, वहीं मैनपुरी से आने वाले वाहन पहले ही रोक दिए गए।

दुनिया भी नहीं देख पाया प्रियंका का बच्चा
मृतका प्रियंका पत्नी चरन सिंह छह माह की गर्भवती थी। जिसे लेकर घर में खुशियों का माहौल था। मगर इस बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही प्रियंका की मौत हो गई।

ट्रैक्टर में भर लिए थे पत्थर
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राली में पत्थर भर लिए थे। पुलिस सख्ती दिखाती, तभी ग्रामीण पथराव शुरू कर देते थे। ग्रामीणों ने रूक-रूक कर पथराव किया। 

19 मौतों के बाद ग्रामीणों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश सिर चढ़ कर बोल रहा था। भीड़ के आक्रोश के आगे पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी सहमे दिखाई दिए। ग्रामीण कह रहे थे कि आए दिन एआरटीओ की गाड़ी ऐसे ही वाहनों का पीछा करती है और चालक बचने के लिए वाहनों को तेज गति में दौड़ाते हैं। आज भी इसी के चलते इतना बड़ा हादसा हुआ। सूचना देने के काफी देर बाद भी न तो पुलिस पहुंची और न ही एंबुलेंस। यदि समय पर एंबुलेंस आ जाती तो कई की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीण एआरटीओ की गलती बताकर उन्हें मौके पर बुलाने की मांग कर जेल भेजे जाने पर अड़े थे। ग्रामीणों को पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य मंजीत यादव आदि समझा रहे थे। साथ ही ग्रामीणों से कहा गया कि एआरटीओ के खिलाफ तहरीर दें कार्रवाई होगी, लेकिन वह नहीं माने। भीड़ का गुस्सा और गम भांपने की बजाए पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव को देख पुलिस के साथ-साथ अफसरों के पैर उखड़ने लगे।

घटना स्थल के निकट एक मंदिर के बाहर ग्रामीणों से बात कर रहे प्रभारी डीएम साहब सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष पथराव होता देख मंदिर के अंदर घुस गए। लोगों में भगदड़ मच गई।  ग्रामीणों ने रुक-रुक कर पथराव किया। बाद में सहायता राशि की घोषणा होने के बाद ग्रामीण मानें और शवों को वहां से उठने दिया।  सूचना लगते ही मंडलायुक्त अलीगढ़ चंद्रकांत व डीआईजी गोविंद अग्रवाल भी जिला अस्पताल पहुंच गए।

क्षेत्रीय सांसद राजवीर ने घटना पर जताया दुख
हादसे को लेकर क्षेत्रीय भाजपा सांसद राजवीर सिंह ने दु:ख जताया। वो रविवार को एटा पहुंच रहे हैं। सांसद राजवीर सिंह ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि वह परिवार के साथ इस समय काकड़ा में हैं। रविवार शाम पांच बजे तक एटा पहुंच जाएंगे और गांव पुरा पहुंचकर मृतकों के परिवारीजनों से मिलेंगे।
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