सिकंदरपुर वैश्य के ग्राम बरोना में सड़क पर पड़ी मिली चूहा मार दवा खा लेने से दो बच्चों की मौत हो गई। मृतक फुफेरे भाई-बहन हैं। वहीं एक बालिका की हालत गंभीर बनी है। अचानक हुई बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
अकरम (6) पुत्र नवी हसन मंगलवार की शाम बहन नाजिश (8) एवं फुफेरी बहन नेहा (4) पुत्री आस मुहम्मद के साथ घर के बाहर गली में खेल रहा था। वहीं इन बच्चों को सड़क पर एक पुड़िया पड़ी मिली। बच्चों ने पुड़िया उठाकर उसे खोला। चूरन समझकर बच्चों ने उसे चाटना शुरू कर दिया। इससे बच्चों की हालत बिगड़ने लगी, तो वे घर की ओर भागे। बच्चों की तबीयत अचानक खराब हुई देखकर घरवाले भी घबरा गए। तीनों बच्चों को लेकर परिवारीजन एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। दवा दिलाकर उन्हें घर ले आया गया। इधर, देर रात अचानक अकरम की हालत फिर से खराब हो गई। जब तक परिवार के लोग उसे दुबारा अस्पताल ले जाते, उसकी सांसें थम चुकी थी। उसके कुछ देर बाद ही उसकी फुफेरी बहन नेहा की भी मौत हो गई। जबकि बहन नाजिश की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे गंजडुडवारा के चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उधर, दो बच्चों की मौत की जानकारी लगते ही पुलिस ने भी गांव आकर जांच-पड़ताल की। वहीं विधायक नजीबा खान जीनत एवं पैक्स फेड की डायरेक्टर नाशी खान जीनत भी गांव पहुंची। एसओ ने बताया कि दो बच्चों की मौत चूहा मार दवा के सेवन से हुई है।
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नाजरीन की उजड़ गई गोद
पटियाली। चूहा मार दवा के सेवन से मौत के आगोश में समाई नेहा अपने मामा नवी हसन के यहां रहती थी। वह अपने माता पिता की अकेली संतान थी। उसकी मौत ने उसकी मां नाजरीन को झकझोर कर रख दिया। अपनी गोद सूनी हो गई है। बेटी की मौत से उसकी रो-रोकर हालत खराब है।
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सड़क पर कहां से आई चूहा मार दवा
पटियाली। चूहा मार दवा बच्चों को सड़क पर पड़ी मिली। यह दवा सड़क पर कहां से आई यह एक रहस्य बना हुआ है। आखिर किसने इस दवा को पुडिया बनाकर सड़क पर डाल दिया और दो बच्चों की मौत हो गई।