बता दें कि महिला से दुष्कर्म, जैथरा में हुए ट्रिपल मर्डर, गैंगेस्टर सहित अन्य मामले अलीगंज और जैथरा थाने में पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह, उनके पुत्र रणजीत सिंह और भतीजे लालजी के खिलाफ दर्ज थे। काफी समय से वह फरार चल रहे थे। चार दिन पहले उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें जिला जेल भेज दिया। बताते हैं कि बसपा सुप्रीमो मायावती के आदेश पर गुरुवार को विरोधी दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पूर्व मंत्री से मिलने जिला जेल पहुंचे, यहां उनसे बातचीत की और पूरी घटना की जानकारी की। जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अवधपाल सिंह और उनके पुत्र रणजीत पर राजनैतिक दुर्भावना से अनेक फर्जी मुकदमे लगाए गए हैं। इनसे वह टूट चुके हैं और उनकी आवाज तक नहीं निकल रही है। उन्होंने कहा कि तीन साल से बसपा नेता अवधपाल छिपते फिर रहे थे, जब उन्हें लगा कि सपा सरकार कभी भी उनकी हत्या करवा सकती है तो उन्होंने न्यायालय में समर्पण कर दिया। वह इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुंडाराज कायम है और सरकार इनके सामने लाचार है। शाहजहांपुर में पत्रकार को जिंदा जलाने के प्रश्न व प्रदेश सरकार के एक मंत्री का नाम सामने आने पर कहा कि प्रदेश में पत्रकार, व्यापारी, आम आदमी कोई भी सुरक्षित नहीं है। प्रदेश में आज समाजवाद की परिभाषा बदल गई है। जो जितना बड़ा अपराधी, वो उतना बड़ा समाजवादी।
मौर्य ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार के तीन सालों में प्रदेशभर में 642 पुलिस कर्मियों पर हमले हुए हैं, इनमें से 230 पुलिस कर्मियों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया है। जब प्रदेश में कानून के रखवालों का यह हाल है तो आम आदमी का क्या हाल होगा। भाजपा नेता विनय कटियार और सांसद साक्षी महाराज द्वारा राम मंदिर का मुद्दा न्यायालय में होने के बाद भी राम मंदिर बनवाने की बात कहने पर उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर का मुद्दा न्यायालय में विचाराधीन है तो इस प्रकार की बयानबाजी करना न ही संवैधानिक है न ही मर्यादित।
इस मौके पर अन्य बसपा नेता और समर्थक मौजूद थे। दूसरी ओर, चर्चाएं चल रही हैं कि पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह को एटा जेल से दूसरी जेल भेजा जा रहा है, लेकिन अभी तक जेल अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।