एक मुश्त समाधान योजना के तहत राजस्व वसूली एवं बिजली चोरी रोकने को गठित कर्मचारियों की टीम को पीएचसी से बिजली चोरी कर नलकूप चलाते पकड़ना महंगा पड़ गया। स्कॉर्पियो सवार आधा दर्जन लोगों ने हमला कर पूरी टीम को घेरने के बाद तमंचे की बट से पीटा और पीएचसी में बधंक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने टीम को बंधक मुक्त करा। मारपीट में दो कर्मचारी घायल हुए हैं, जबकि गंभीर रुप से घायल एक कर्मचारी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। अवर अभियंता ने चार के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता अवागढ़ दयाशंकर ने बताया कि शनिवार दोपहर बिजलीघर से सुपरवाइजर जितेंद्र यादव, संविदा लाइनमैन राजेश कुमार और चालक विकास यादव की टीम वाहन के साथ आगरा रोड पर एक मुश्त समाधान योजना के तहत बकाया बिल और डिस्कनेक्शन करने नगला गंगा गई थी। चुरथरा एवं नगला गंगा गांव के बीच निर्माणाधीन पीएचसी के पास स्थित निजी नलकूप उपभोक्ता इंद्रवीर निवासी नगला गंगा पर 45 हजार रुपये बिजली बिल बकाया होने के कारण टीम ने कनेक्शन काट कर केबिल कब्जे में ले लिया। आरोप है कि इसी नलकूप पर निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र से बिजली चोरी मिलने पर मामले की सूचना कर्मचारियों ने जेई को दी। आरोप है कि जब कार्रवाई कर टीम वापस आने लगी तो पीछे से आए बिना नंबर की स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उनकी कार रोक कर जबरन बाहर खींच लिया और तमंचे की बट से जमकर पीटने के बाद निर्माणाधीन पीएचसी में बधंक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कर्मचारियों को बंधक मुक्त कराकर घायल राजेश और विकास को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद राजेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जेई दयाशंकर ने पुलिस को चार के खिलाफ नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच कर रही है। कार पर ब्लॉक प्रमुख लिखा था।