कचरे के ढेर में मिला नवजात बेटी का शव
चाचा ने अपने साथियों के साथ मिलकर भतीजी का सुहाग उजाड़ दिया। पुलिस ने गंगा की कटरी से शव को बरामद कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एटा भेज दिया। हत्या के मामले में चाचा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गीता शाक्य निवासी एगंवा के पिता रमेश की मौत हो जाने के बाद उसके चाचा सुरेश ने ही उसका पालन पोषण किया। पढ़ाई के दौरान ही उसका पिथनपुर निवासी दलित युवक रवि पुत्र सूबेदार के साथ प्रेम हो गया। इस बात का पता चलने पर चाचा ने नाराजगी जाहिर करते हुुए दोनों को चेतावनी दी। इसके बाद दोनों ने वर्ष 2014 में अपना अलग आशियाना बसाने के लिए घर की दहलीज लांघ कर दिल्ली चले गए। जहां दोनों ने कोर्ट में शादी कर ली और अपना जीवन यापन करने लगे। इस बीच उनके एक पुत्र हुआ। जिसकी जानकारी गीता ने अपने चाचा को दी। इसके बाद परिवार में बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। तीन माह पहले गीता अपने मायके आ गई। दलित युवक से शादी करना चाचा को नागवार गुजर रहा था। उन्होने बहाना बनाकर रवि को दिल्ली से बुला लिया। रवि दिल्ली से अपने गांव आया। इसके बाद वह 1 मार्च को उसके चचिया ससुर उसे गांव से बाइक पर बुलाकर ले गए। उसकी गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को सोरों के करुआबारा गंगा की कटरी में फेंक दिया। युवक के घर वापस न लौटने पर उसके परिवारीजनों ने उसका मोबाइल मिलाया तो बंद निकला। शक के आधार पर परिवारीजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने सुरेश को हिरासत में लेकर पूंछतांछ की तो उन्हें जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि हत्या की वारदात को साले उमाशंकर पुत्र दुशासन निवासी भिलोली, गंगा सिंह पुत्र डोरीलाल निवासी ढोलना, शेर सिंह पुत्र तालेवरद निवासी नगला बसंत एंगवा सहावर के साथ मिला अंजाम दिया। पुलिस ने उमाशंकर व गंगा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जबकि शेर सिंह फरार है। पुलिस ने उनकी निशान देही पर शव को बरामद कर लिया। बाइक भी बरामद कर ली गई। थाना प्रभारी ने बताया कि सुरेश को जेल भेज दिया है।