गौरतलब है कि हादसे के शिकार हुए बाइक सवार अपने रिश्तेदारी से धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर वापस आ रहे थे। बाइक पर रोहित (17) पुत्र मुरारीलाल निवासी शांतापुरी कालोनी कासगंज, प्रवीन (18) पुत्र शाहवीर निवासी आसनपुर शमशाद फर्रुखाबाद, अनूप (20) पुत्र शिवलाल, सौरभ (15) पुत्र हमीरसिंह निवासी बहगो जैथरा एटा, सोरों से तकुआवर से कासगंज आ रहे थे। गौरहा नहर पुल पर अनियंत्रित कैंटर ने बाइक को टक्कर मार दी, इससे दो बाइक सवार उछलकर नहर में गिर गए और दो बाइक सड़क पर गिरे। कैंटर टक्कर मारकर मौके से फरार हो गया। नहर में रोहित व अनूप गिरे। नहर के समीप खड़े लोगों ने नहर से अनूप को तो बचा लिया, लेकिन रोहित पानी में डूब गया। उसको बचाने के प्रयास ग्रामीण करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सूचना पर परिवारीजन व आसपास के लोग एकत्रित हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा गोताखोर आदि का प्रबंध नहीं किया गया, इससे रोहित का पता नहीं लगा सका। इस बात को लेकर परिवारीजन व ग्रामीण उत्तेजित हो गए। उन्हाेंने कासगंज-बरेली मार्ग पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक जाम लगा रहा। उपजिलाधिकारी शिवसिंह ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशितों को समझाकर जाम खुलवाया। लापता रोहित की तलाश सांय तक जारी रही।
पिता ने रोहित से जाने को मना किया था
रविवार को जब अनूप अपने घर से धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने गया था उस समय पिता मुरारीलाल ने उसे घर से जाने को मना किया था, लेकिन अनूप नहीं माना। अनूप की मां की इच्छा थी कि वह धार्मिक कार्यक्रम में जाकर कुछ सेवा कार्य करें। हादसे में अनूप के नहर में गिरकर लापता हो जाने के बाद परिवारीजनों की जुबान पर बार बार यही जिक्र था कि काश अनूप रुक गया होता।