लखनऊ में तैनात पुलिस के एक आला अधिकारी के घर के पास यादव नगर कालोनी में अतिक्रमण कर लगाया गया गेट 28वें दिन प्रशासन ने हाईप्रोफाइल ड्रामे के बाद रविवार देर रात तोड़ कर दम लिया।
इससे पूर्व रविवार को दिन तीन बार जेसीबी लेकर पहुंचे पालिका और पुलिस अफसर विरोध के चलते बैरंग लौट आए, लेकिन देर रात जेसीबी ने पुलिस बल की मौजूदगी में गेट तोड़ा तो स्थानीय लोगों ने नारेबाजी की। नायब तहसीलदार ने रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर समेत 28 के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
लखनऊ में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के घर के पास यादव नगर कालोनी में एक रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव ने कालोनी के गेट पर अतिक्रमण कर गेट लगा दिया था। पुलिस अधिकारी के परिवार ने जिला प्रशासन से शिकायत कर गेट हटाने की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
डीएम अमित किशोर ने समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी तो मामला एसडीएम सदर के पाले में डाल दिया। जब एसडीएम एनपी पांडेय से बात की गई तो उन्होंने गेंद डीएम के पाले में डाल कर पल्ला झाड़ दिया। इसके चलते कालोनी गेट से अतिक्रमण नहीं हट पा रहा था।
रविवार को नगर पालिका और पुलिस टीम अतिक्रमण हटाने के लिए सक्रिय हुई। रविवार को दिन में पालिका की टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने तीन बार गई, लेकिन विरोध के चलते बैरंग लौट आई। देर रात सीओ एमपी सलोनियां पुलिस बल लेकर पालिका की जेसीबी के साथ यादव नगर कालोनी पहुंचे और विरोध एवं नारेबाजी के बीच अतिक्रमण कर लगाया गया गेट जेसीबी से उखाड़ फेंका।
एसडीएम एनपी पांडेय ने बताया कि जांच में सामने आया है कि यादव नगर कालोनी में अतिक्रमण कर गेट लगाया गया था। देर रात अतिक्रमण हटा दिया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियाें से गाली गलौच करने के आरोप में नायब तहसीलदार रविंद्र प्रताप सिंह ने रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव समेत कालोनी के 28 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।