एटा। कचहरी पर स्टांप वेंडरों द्वारा स्टांप की कालाबाजारी की जा रही थी। 100 रुपये का स्टांप 150 रुपये में बेचा जा रहा था। खबर को अमर उजाला अखबार ने गत दिनों स्टिंग ऑपरेशन कर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ने संज्ञान लिया। उन्होंने कलक्ट्रेट से कर्मचारी भेजकर स्टांप वेंडरों का स्टिंग ऑपरेशन कराया इसमें तीन वेंडर अधिक कीमत पर स्टांप बेचते पकड़े गए।
कचहरी, तहसील और कलक्ट्रेट पर कुछ स्टांप वेंडर 100 रुपये का स्टांप 150 रुपये में बेच रहे थे। इसका अमर उजाला ने पीड़ित आरटीआई कार्यकर्ता रवीश कुमार गोला के साथ स्टिंग ऑपरेशन किया। इसमें स्टांप वेंडर ज्यादा रकम लेना स्वीकार कर रहा था। खबर प्रकाशन के बाद एडीएम केशव कुमार ने एसएडीएम अलंकार अग्निहोत्री से मामले की जांच कराई। यहां कचहरी के स्टांप विक्रेता सौरभ शर्मा द्वारा 50 रुपये के स्टांप को 150 रुपये में दिया गया। इसी तरह दीपक शर्मा द्वारा 50 रुपये के स्टांप को 150 व कलक्ट्रेट परिसर में सुमित कुमार द्वारा 50 रुपये का स्टांप 120 रुपये में दिया गया। उन्होंने स्टांप विक्रेताओं पर कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट एडीएम को दी है।