कृषि कार्यालय में साथी पोर्टल की जानकारी लेते बिक्रेता। संवाद
एटा। जिले के किसानों को प्रमाणित व गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और नकली और मिलावटी बीजों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने शासन की महत्वाकांक्षी साथी पोर्टल व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करना शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से बीज उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी। प्रत्येक प्रमाणित बीज पैकेट पर क्यूआर कोड अंकित होगा। इसमें बीज से संबंधित जानकारियाें का सत्यापन किया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि पोर्टल पर पंजीकृत प्रत्येक प्रमाणित बीज पैकेट पर क्यूआर कोड अंकित होगा। किसान मोबाइल से इसे स्कैन कर बीज की किस्म, उत्पादक संस्था, बैच संख्या, प्रमाणन, वैधता अवधि (एक्सपायरी) समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का सत्यापन कर सकेंगे। इससे किसानों को असली और गुणवत्तापूर्ण बीज ही उपलब्ध होंगे व नकली और मिलावटी बीजों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगेगा। कहा कि इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों का भरोसा मजबूत होगा। गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग से फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि होगी। जिला कृषि अधिकारी ने जिले के सभी बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे 31 जुलाई तक हर हाल में साथी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर प्रोफाइल अपडेट करा लें। निर्धारित समय सीमा के बाद जिन विक्रेताओं का पंजीकरण और प्रोफाइल अपडेट नहीं होगा, उन्हें बीज बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बताया कि पंजीकरण, आईडी, पासवर्ड या प्रोफाइल अपडेट में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर विक्रेता कृषि विभाग के संबंधित पटल सहायक से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही प्रत्येक नगर और क्षेत्र से एक तकनीकी रूप से दक्ष प्रतिनिधि को कार्यालय भेजकर अपने क्षेत्र के सभी बीज विक्रेताओं का पंजीकरण समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।