मलावन की गोशाला में बीमार पड़ी गाय- संवाद
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एटा। मलावन स्थित अस्थाई गोशाला में बीते दिनों भूख, प्यास, ठंड और बीमारी से चार गायों की मौत के बाद तीन गोवंश अभी भी अंतिम सांसें गिन रहे हैं। ठंड से तड़प-तड़प कर मर रहीं गायों के उचित इलाज की व्यवस्था तक नहीं हैं। गायों को बेहतर और समुचित उपचार के लिए मथुरा स्थित वेटेरिनरी विवि ले जाने के लिए वाहन तक की व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में और गायों के दम तोड़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इन गोवंश को इंजेक्शन लगा-लगाकर जीवित रखा जा रहा है। डीएम के निर्देश पर सोमवार को गोशाला में गोवंशो की जियो टैगिंग कराई गई। शनिवार को मलावन गोशाला में चार गायों की मौत हो गई थी। तीन दिन बाद भी पशु चिकित्सा विभाग गायों को बेहतर उपचार नहीं दे पा रहा है। अस्थाई गोशाला में बीमार पड़ी गायों ने सोमवार को भी चारा नहीं खाया। पशु चिकित्सक एके श्रीवास्तव ने गायों का उपचार कर उन्हें इंजेक्शन आदि लगाए गए।
कराई गई गोवंश की जियो टैगिंग
मामला प्रकाश में आने के बाद रविवार को डीएम सुखलाल भारती ने गोशाला का जायजा था। उन्हें वहां बिना जियो टैगिंग के कई पशु मिले। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई। उनके निर्देश पर सोमवार को गोशाला में पशुओं का टीकाकरण किया गया। जहां अस्थाई गोशाला में 35 पशुओं का टीकाकरण हुआ। जबकि वाहिदपुर बीबी में बनी वृहद गोशाला में भी गोवंशों की जियोटैगिंग की गई।
रात में होने लगा निरीक्षण
गोशालों का रात में भी अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं। सीवीओ केपी सिंह ने बताया कि रात में निरीक्षण के लिए दो-दो चिकित्सकों की चार टीमें बनाई गई। है। जहां यह रात में गोशालाओं को निरीक्षण करेंगे।
जो मथुरा में वही इलाज यहां
बीमार व घायल गायों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। उन्हें मथुरा स्थित वेटेरिनरी विश्वविद्यालय में जो इलाज मिलेगा। वह गोवशों को यहां दिया जा रहा है। विभाग के पास पशुओं को मथुरा ले जाने का कोई इंतजाम नहीं है।
डॉ. केपी सिंह, सीवीओ।