संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी की जमानत अर्जी गैंगस्टर एक्ट की विशेष अदालत ने खारिज कर दी। टिप्पणी दी कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी के फिर अपराध करने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। आरोपी के खिलाफ पूर्व से ही अवैध शराब के ढक्कन आदि पर क्यूआर कोड बनाने का मामला दर्ज है।
निधौलीकलां थाना पुलिस ने 31 मई को जिलाधिकारी से अनुमोदित गैंगचार्ट की जांच की तो पाया कि संतीपुर निवासी गैंगलीडर मलिखान सिंह अपने गिरोह के साथी शिवकुमार, भोला, वीरेश, जोधपाल, नेम सिंह, प्रवीन कुमार उर्फ रवि कुमार के साथ मिलकर संगीन अपराध करता है। जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
अदालत में मलिखान सिंह की जमानत अर्जी पेश की गई। विशेष लोक अभियोजक अरुण कुमार माहेश्वरी और रक्षपाल सिंह शाक्य ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व से ही अवैध शराब के ढक्कन आदि पर क्यूआर कोड बनाने का मामला दर्ज है। दोनों पक्षों की बहस के बाद विशेष न्यायाधीश रागिनी ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।