एटा। शहर के मध्य एक डिग्री कॉलेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते यहां भर्ती लोगों में रोष व्याप्त है। इससे घबराकर सोमवार की महिला सहित चार लोग भाग गए। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि एक महिला और एक व्यक्ति लौट आया है, जबकि दो की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
शहर के मध्य जीटी रोड पर बने क्वारंटीन सेंटर में गंदगी की समस्या के चलते मच्छरों की भरमार है। इससे भर्ती संदिग्ध चैन की नींद सो नहीं पा रहे हैं। देर रात करीब एक बजे बिजली चली गई। कॉलेज कर्मियों ने थोड़ी देर के लिए जेनरेटर चलाया, लेकिन वह भी करीब दो बजे दम तोड़ गया।
ऐसे में अंधेरे का फायदा उठाकर यहां से चार लोग भाग गए। इनमें से एक महिला और युवक शीतलपुर के हैं, जबकि तीसरा अलीगंज और चौथा ओरनी का है। सुबह जब लोगों की गिनती हुई तो चार लोग कम निकले। इस पर वहां हड़कंप मच गया। केद्र प्रभारी डॉ. जीडी घिडोलिया ने इसकी जानकारी सीओ राजकुमार को दी। पुलिस ने सख्ती बढ़ाई तो दो लौट आए पर दो लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
लोगों में वायरस को लेकर आशंका
शहर की घनी आबादी के बीच स्थित क्वारंटाइन सेंटर बना दिया गया है। इससे यहां के लोगों में वायरस को लेकर आशंका पैदा होने लगी है।
-जुगेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
आबादी से दूर बनाना चाहिए सेंटर
प्रशासन को क्वारंटीन सेंटर शहर की आबादी से दूर बनाना चाहिए। सोमवार की रात यहां से चार लोग भाग गए, यह किसी घर में घुस गए तो और लोगों को संक्रमित कर देंगे।
-बदन सिंह, स्थानीय निवासी
लोगों को घेर सकता है वायरस का प्रकोप
कॉलेज के गेट पर ही बैंक के साथ ही दो जनसुविधा केंद्र हैं। इन पर सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में वायरस का प्रकोप इन लोगों को घेर सकता है।
सुरेंद्र, स्थानीय निवासी।
प्रशासन को इसपर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए
क्वारंटीन सेंटर को शहर की आबादी से दूर बनाना चाहिए। इससे आसपास के लोग प्रभावित हो सकते हैं, प्रशासन को गंभीरता से इस पर ध्यान देना चाहिए।
नीरज, स्थानीय निवासी
क्वारंटीन सेंटर में 55 लोग भर्ती हैं। सोमवार की रात में अंधेरे का फायदा उठाकर इसमें से चार लोग भाग गए। इनमें से शीतलपुर की एक महिला और युवक सुबह लौट आए हैं। पुलिस को सूचना दे दी गई है। रात बिजली चली गई थी, जेनरेटर भी बंद हो गया था। यहां रहने वाले लोगों को सुबह नाश्ते से लेकर रात के खाने तक का प्रबंध यहीं किया गया है।
-डॉ. डीडी घिरोरिया, नोडल अधिकारी क्वारंटीन सेंटर