कासगंज। शासन के निर्देश पर स्कूल पूरी तरह बंद हैं। विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों व कर्मचारियों का भी पूर्ण अवकाश रहेगा, लेकिन कुछ विद्यालयों की शिकायत शिक्षा विभाग को मिली कि वे स्टाफ के लिए विद्यालय खोल रहे हैं। इस पर डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि यदि विद्यालय खोले तो मान्यता रद्द होगी और संचालक पर मुकदमा होगा।
कोरोना के चलते बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक के शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। लेकिन जिले में कई शिक्षण संस्थान और विद्यालय ऐसे हैं जो कार्य के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रतिदिन बुला रहे हैं। इस तरह की शिकायत डीआईओएस आरएस राजपूत को मिली है। इस पर डीआईओएस ने कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई भी विद्यालय स्टाफ के लिए भी खोला गया तो उसकी मान्यता रद्द की जाएगी और स्कूल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। किसी भी हाल में शासनादेश का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
न गुरु जी आएंगे, न बच्चे जाएंगे
शिक्षण संस्थानों के अलावा कोचिंग सेंटर भी बंद कर दिए गए हैं। न तो विद्यार्थी कोचिंग सेंटरों पर पढ़ाई करने पहुंचेंगे और न ही गुरुजी ट्यूशन पढ़ाने विद्यार्थियों के घर जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इसकी भी निगरानी शुरू कर दी है।
- सभी शिक्षण संस्थानों व विद्यालयों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। किसी भी संचालक ने यदि स्टाफ के लिए स्कूल खोला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे और स्कूल की मान्यता रद्द करेंगे। - आरएस राजपूत, डीआईओएस।