एटा। करीब दस वर्ष पुराने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक्सक्लूसिव पोक्सो न्यायालय ने दोषी को 20 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सकरौली थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 10 अक्तूबर 2016 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को गांव नगला चंद्रभान (थाना बरहन, जिला आगरा) निवासी प्रशांत, 29 सितंबर को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पीडि़त पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोपी प्रशांत के खिलाफ वर्ष 2017 में न्यायालय में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में प्रभावी ढंग से साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर एक्सक्लूसिव पोक्सो न्यायालय ने आरोपी प्रशांत को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 20 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माना राशि अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।