एटा। महिला की पिटाई, छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले में दोषी को न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मंगलवार को एससी-एसटी एक्ट न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।
पीड़िता की ओर से 29 मार्च 2021 को पुलिस को सूचना दी गई थी कि आरोपी मोनू यादव उर्फ मोनुआ निवासी घिलौआ ने उसकी पिटाई कर घायल करने के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचक ने साक्ष्य संकलित करते हुए जांच पूरी की और आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने न्यायालय में मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की। पुलिस और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने मोनू यादव उर्फ मोनुआ को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।