पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों से जानकारी करती पुलिस।
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एटा में खून की तलाश कर रहे बीमार ठेकेदार को पैथोलॉजी लैब पर ही रोककर खून चढ़ा दिया गया। इससे ठेकेदार की मौत हो गई। परिजन ने गलत खून चढ़ाने से मौत होने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। थाने में तहरीर दी गई है। इसके आधार पर पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।
कोतवाली देहात के गांव असरौली निवासी सुनील कुमार ने बताया कि ससुर गोरेलाल (62) निवासी जिपोंद थाना रमपुरा जिला भटिंडा पंजाब लगभग एक सप्ताह पूर्व अपनी बेटी से मिलने आए थे। वह पंजाब में अपने घर के पास ही सब्जी-फल मंडी में ठेकेदारी करते थे।
सुनील ने बताया कि यहां रविवार की सुबह अचानक से ससुर की तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद उनको लेकर शहर में सुभाष मूर्ति मांग स्थित एक अस्पताल पर लाए। यहां उपचार शुरू हुआ। चिकित्सक ने बताया कि गोरेलाल के शरीर में खून की कमी है। हम लोग उनको लेकर खून की तलाश कर रहे थे।
बताया कि शाम के समय सुभाष मूर्ति के पास ही एक पैथोलॉजी लैब पर भी पता किया। वहां एक व्यक्ति ने कहा कि हमारे पास खून है और चढ़ा भी हम देंगे। अंदर ले जाकर उसने गलत खून चढ़ा दिया। बताया कि ससुर ने बार-बार कहा कि बेचैनी हो रही है लेकिन, लैब संचालक नहीं माना।
तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर ससुर को लेकर मेडिकल कॉलेज आए। यहां चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है।
पहले दो बार सील हो चुकी है लैब
इस पैथोलॉजी लैब पर मरीजों की जान से खिलवाड़ का यह कोई नया मामला नहीं है। यहां लापरवाही की शिकायत अक्सर सामने आते रहती हैं। सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत मिलने पर पहले भी इस पैथोलोजी को 2 बार सील किया जा चुका है। रविवार को भी इसकी एक नई शिकायत मिली है। जल्द ही जांच करते हुए इसको फिर से सील कराया जाएगा।