पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मचारियों को एरियर व वेतन न मिलने की शिकायत मंडलायुक्त से की गई। जांच में पता चला कि सफाई कर्मचारी संघ के जिस लैटर पैड पर शिकायत की गई थी वह फर्जी था। यहां तक की उस पर पदाधिकारियों सहित सफाईकर्मियों के हस्ताक्षर तक फर्जी हैं। पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ अलीगढ़ मंडल के महामंत्री ने जिलाधिकारी से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिला पंचायती राज विभाग में साल 2016 से 493 सफाई कर्मचारियों का छठवें वेतनमान का अवशेष और एरियर न मिलने पर की शिकायत सफाई कर्मचारियों ने संघ के पैड पर कमिश्नर से की थी। जांच में शिकायत फर्जी पाए जाने पर पंचायती राज ग्रामीण सफाई संघ के मंडल महामंत्री पवन कुमार गौतम और प्रदेश संगठन मंत्री सुमित यादव ने सफाई कर्मचारी बृजेश राजपूत और ज्यूनिस कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल को पत्र लिखा है।
सफाई कर्मचारियों ने भी डीएम से शिकायत
पंचायती राज विभाग के सफाई कर्मचारी बबलू, सतीश चंद्र, सुनील कुमार, सुशील कुमार ने जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल को बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने सफाई कर्मचारियों का एरियर व छठवें वेतनमान का अवशेष को शासन से बजट प्राप्त होने के बाद खाते में नि:शुल्क डाल दिया गया, इसमें कोई लेन-देन नहीं किया गया। वहीं फर्जी सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बृजेश राजपूत और ज्यूनिस खान ने एरियर न मिलने की शिकायत सफाई कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर कमिश्नर को की जो कि निराधार है।
सफाई कर्मचारियों को एरियर दिलाने के लिए कमिश्नर से सफाई कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर कराकर मैनें कोई शिकायत नहीं की है। इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- बृजेश राजपूत, सफाई कर्मचारी नेता
पंचायती राज विभाग में 493 सफाई कर्मचारियों का छठवें वेतनमान और एरियर का करीब डेढ़ करोड़ रुपये नहीं मिल पाया था, जिसकी सफाई कर्मचारियों ने याचिका कोर्ट में दायर की गई, जिसके बाद शासन से बजट मंगाया गया और सभी कर्मचारियों का एरियर और वेतनमान 25 मार्च को दिया जा चुका है।
आलोक कुमार प्रियदर्शी, जिला पंचायत राज अधिकारी